दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस का कड़ा अभियान: काले शीशों वाली गाड़ियों पर कार्रवाई
दिल्ली की सड़कों पर काली फिल्मों के खिलाफ अभियान
नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस ने काले और अनधिकृत शीशों वाली गाड़ियों के खिलाफ एक बार फिर से सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि सड़क पर सभी चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान में ट्रैफिक पुलिस ने 3,079 वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की।
इस अभियान की निगरानी ज्वाइंट सीपी ट्रैफिक संजय कुमार त्यागी ने की। दिल्ली की विभिन्न ट्रैफिक रेंज में गाड़ियों की गहन जांच की गई। अभियान की समग्र निगरानी अपर पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक श्री दिनेश कुमार गुप्ता ने की।
नॉर्दर्न रेंज में सबसे अधिक कार्रवाई
जब कार्रवाई के आंकड़े सामने आए, तो नॉर्दर्न रेंज सबसे आगे रही, जहां 1,256 वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद नई दिल्ली रेंज में 793, पश्चिमी रेंज में 338, दक्षिणी रेंज में 298, पूर्वी रेंज में 202 और केंद्रीय रेंज में 192 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस प्रकार, कुल 3,079 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
काले शीशे: स्टाइल या खतरा?
गाड़ियों के शीशों पर काली फिल्म लगाना कुछ लोगों के लिए स्टाइल या निजता का प्रतीक हो सकता है, लेकिन यह सड़क पर सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। विशेषकर रात में या खराब मौसम में, गहरे शीशों के कारण चालक को बाहर की स्थिति स्पष्ट रूप से देखने में कठिनाई हो सकती है। इससे सड़क पर अन्य वाहनों, पैदल यात्रियों और संभावित खतरों को समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
सुरक्षा प्राथमिकता: नियमों का पालन करें
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि कुछ वाहन मालिक धूप से बचने या गाड़ी को आकर्षक दिखाने के लिए काली फिल्म लगवाते हैं। लेकिन सड़क पर सुरक्षित दृश्यता सबसे महत्वपूर्ण है। ट्रैफिक पुलिस ने सभी चालकों से अनुरोध किया है कि वे अपने वाहनों पर अनधिकृत काली फिल्म न लगाएं और निर्धारित मानकों का पालन करें।
अभियान जारी रहेगा
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत काली फिल्मों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इसका संदेश स्पष्ट है: वाहन का शीशा जितना साफ होगा, चालक की दृष्टि उतनी बेहतर होगी, जिससे सफर सुरक्षित रहेगा।
