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दिल्ली में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत: 1.76 लाख मामलों का हुआ समाधान

दिल्ली में आयोजित तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत ने 1.76 लाख मामलों का समाधान किया, जिसमें 599.71 करोड़ रुपये की राशि का समझौता हुआ। इस आयोजन ने न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने का प्रयास किया। जानें इस लोक अदालत की विशेषताएं और सफलताएं, जिसमें ट्रैफिक चालानों का निपटारा और मोटर दुर्घटना मामलों में बड़ी राशि का समझौता शामिल है।
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नई दिल्ली में न्याय की नई पहल


नई दिल्ली: न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से दिल्ली में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें कुल 1,76,379 मामलों का निपटारा किया गया और समझौतों की कुल राशि लगभग 599.71 करोड़ रुपये रही। यह आयोजन आम जनता के लिए त्वरित और सरल न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


जिला न्यायालयों में मामलों का निपटारा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के मार्गदर्शन में, लोक अदालत की पीठें दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों, दिल्ली उच्च न्यायालय, स्थायी लोक अदालतों, ऋण वसूली अधिकरणों और उपभोक्ता आयोगों में स्थापित की गईं। इस आयोजन का नेतृत्व दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव सांबरे ने किया।


ट्रैफिक चालानों का समाधान


इस लोक अदालत में जिला न्यायालयों में 1,74,452 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें 317.42 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय की गई। इनमें से 1,38,493 यातायात चालानों का निपटारा किया गया, जिनकी कुल जुर्माना राशि 2.77 करोड़ रुपये रही। डिजिटल लोक अदालत की सुविधा ने लोगों को लंबी कतारों से राहत दिलाई।


मोटर दुर्घटना मामलों में बड़ी राशि का समझौता

मोटर दुर्घटना पीड़ितों को 2.90 करोड़ रुपये


उत्तर-पश्चिम जिला न्यायालय परिसर में एक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण का 2.90 करोड़ रुपये में समझौता हुआ, जो बीमा कंपनी द्वारा मृतक के आश्रितों को दी जाएगी। इसी तरह, द्वारका में भी एक अन्य मोटर दुर्घटना मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।


उच्च न्यायालय और उपभोक्ता आयोग में सफलता

सफलता की कहानी


दिल्ली उच्च न्यायालय में 44 मामलों का निपटारा लगभग 10.87 करोड़ रुपये में हुआ। इसके अलावा, जिला उपभोक्ता आयोगों में 284 मामलों का 12.31 करोड़ रुपये और ऋण वसूली अधिकरणों में 97 मामलों का लगभग 252.83 करोड़ रुपये में समाधान किया गया।


समावेशी न्याय का संदेश

समावेशी न्याय की पहल


डीएसएलएसए ने लोक अदालत में ट्रांसजेंडर समुदाय, तेजाब हमले से प्रभावित लोग, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों को प्रतिनिधित्व देकर समावेशी न्याय का संदेश दिया। वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न न्यायालय परिसरों का निरीक्षण किया और नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि न्याय केवल निर्णय सुनाने का कार्य नहीं है, बल्कि लोगों की समस्याओं का समय पर और सम्मानजनक समाधान भी है।