दिल्ली में नीट परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन: हिंसा और पुलिस पर हमले की घटनाएं
दिल्ली में प्रदर्शन का उग्र रूप
नई दिल्ली: नीट परीक्षा में अनियमितताओं और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र एक संघर्ष स्थल में बदल गया है। कॉकरोच जनता पार्टी और युवा प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच दो बार गंभीर टकराव हुआ, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोलकाता से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तुरंत दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है।
घटनाक्रम का आरंभ
घटनाक्रम की शुरुआत दोपहर लगभग 4:30 बजे हुई, जब जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते उपद्रवियों ने बोतलें और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे पंजाबी बाग के एसीपी जयप्रकाश घायल हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया।
सुरक्षा बलों पर हमले की घटनाएं
हालांकि, रात करीब 8:30 बजे एनडीएमसी चौराहे और टॉलस्टॉय मार्ग के पास उपद्रवियों ने फिर से सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। इस पथराव में एसीपी विवेक भगत समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने आरएएफ के जवानों और सरकारी वाहनों पर हमले करने वाले अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा, दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों की सुनवाई करते हुए प्रशासन को घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
केजरीवाल का बयान
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी 'जेन-जी' युवा हैं जो किसी से डरने वाले नहीं हैं, इसलिए सरकार को उनके खिलाफ क्रैकडाउन या सख्त बल प्रयोग जैसी गलती करने से बचना चाहिए। प्रदर्शन के चलते बुधवार को बंद किए गए 16 मेट्रो स्टेशनों को रात में स्थिति सामान्य होने पर फिर से खोल दिया गया था। हालांकि, पूरे लुटियंस क्षेत्र में धारा 144 के तहत सुरक्षा के सख्त इंतजाम लागू हैं।
