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दिल्ली में बारिश के बीच लोकसभा स्पीकर का बड़ा कदम: मकर द्वार पर पोर्च बनाने का निर्देश

दिल्ली में हाल की मूसलाधार बारिश के बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद परिसर में मकर द्वार पर पोर्च बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के मौसम में सांसदों और कर्मचारियों को आने-जाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस प्रस्ताव के पीछे का कारण यह है कि बारिश में सांसदों को भीगने से बचाने के लिए एक शेल्टर की आवश्यकता है। जानें इस निर्देश के पीछे की पूरी कहानी और संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र की स्थिति।
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नई दिल्ली में बारिश के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश


नई दिल्ली: शुक्रवार को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद परिसर के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। उन्होंने CPWD, आर्किटेक्ट्स और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि मकर द्वार पर एक पोर्च बनाने की संभावनाओं की जांच की जाए, ताकि बारिश के दौरान सांसदों और कर्मचारियों को कोई कठिनाई न हो।


मकर द्वार पर पोर्च बनाने का प्रस्ताव

बिरला ने अधिकारियों के साथ एक बैठक में बताया कि बारिश के मौसम में मकर द्वार पर आने-जाने में काफी समस्याएं होती हैं। सांसदों और स्टाफ को गेट तक पहुंचने में भीगना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने वहां एक शेल्टर या पोर्च बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा।


स्पीकर ने कहा कि मॉनसून के दौरान एंट्री पॉइंट पर हो रही दिक्कतों को तुरंत हल किया जाना चाहिए। अधिकारियों को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है कि पोर्च कैसे और कहां बनाया जा सकता है।


मकर द्वार का महत्व

नए संसद भवन का निर्माण जनवरी 2021 में शुरू हुआ था। इस परिसर में कुल 6 गेट हैं - गज द्वार, अश्व द्वार, गरुड़ द्वार, मकर द्वार, शार्दूल द्वार और हंस द्वार। हर गेट का नाम किसी जानवर या पक्षी के नाम पर रखा गया है और उनके साथ मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।


लोकसभा के नियमों के अनुसार, मकर द्वार को सांसदों के लिए मुख्य एंट्री पॉइंट के रूप में निर्धारित किया गया है। इस कारण, रोजाना बड़ी संख्या में सांसद इसी गेट से आते-जाते हैं। बारिश में छत न होने के कारण भीगने की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिसके चलते स्पीकर ने यह कदम उठाया।


मॉनसून सत्र का 15वां दिन

वर्तमान में संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है, जो 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। शुक्रवार को सत्र का 15वां दिन था। दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने लगातार हंगामा और विरोध किया, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।


अंततः सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। अब संसद की बैठक सोमवार, 10 अगस्त 2026 को फिर से शुरू होगी। बिरला ने कार्यवाही से पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए संसद परिसर की सुविधाओं का जायजा लें।


उनका ध्यान इस बात पर था कि सांसदों को काम के दौरान बुनियादी समस्याओं का सामना न करना पड़े। दिल्ली में इस सप्ताह लगातार बारिश हो रही है, जिससे संसद परिसर के एंट्री पॉइंट पर शेल्टर की मांग लंबे समय से उठ रही थी। अब देखना होगा कि CPWD कितनी जल्दी मकर द्वार पर पोर्च का प्रस्ताव तैयार कर पेश करता है।