Newzfatafatlogo

दिल्ली में रामलीला के मंच से सुरक्षा और जागरूकता का संदेश

दिल्ली में आयोजित रामलीला ने न केवल भगवान श्रीराम की कथा को प्रस्तुत किया, बल्कि समाज को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने का संकल्प भी लिया। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस ने नशे के दुष्प्रभाव, महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया। 2500 से अधिक लोगों की उपस्थिति ने इसे जन-जागरूकता का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया। जानें कैसे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
 | 

रामलीला में सुरक्षा और जागरूकता का संदेश


नई दिल्ली: इस बार रामलीला के मंच से केवल भगवान श्रीराम की कथा नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने का संकल्प भी सुनाई दिया। दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तर जिले की परिवर्तन प्रकोष्ठ ने नरेला के डीडीए मैदान में आयोजित रामलीला के दौरान नशे के दुष्प्रभाव, महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया। सुभाष रामलीला नाट्य क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 2500 से अधिक लोग शामिल हुए, जिसने इसे जन-जागरूकता का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया।


सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

बाहरी उत्तर जिला पुलिस की परिवर्तन प्रकोष्ठ ने थाना नरेला के सहयोग से इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर बाहरी उत्तर जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त लोकेश्वरन आर. और थाना नरेला के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने रामलीला समिति के सदस्यों से बातचीत की और आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा और आवागमन को सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।


नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें आम लोगों को नशे की लत से दूर रहने, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने, और साइबर ठगों से बचने का संदेश दिया गया। कलाकारों ने सरल और प्रभावशाली तरीके से लोगों को सतर्क रहने, जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से अपराधों की रोकथाम में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। इसी दिशा में यह पहल की गई।


परिवर्तन प्रकोष्ठ की सक्रियता

इस अभियान का संचालन निरीक्षक निशा के नेतृत्व में किया गया। टीम में महिला हेड कांस्टेबल जसविनी, महिला हेड कांस्टेबल आरती और महिला कांस्टेबल नेहा शामिल थीं। दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तर जिले ने स्पष्ट किया कि ऐसे जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।


संदेश स्पष्ट है: जागरूक नागरिक, सुरक्षित समाज; नशे को ना, अपराध को ना!