दिल्ली सरकार के कर्मचारियों ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मांगी ईमानदारी की रक्षा
दिल्ली सरकार के कर्मचारी संघ का समर्थन
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के कर्मचारी कल्याण संघ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया के संदर्भ में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। संघ ने इस प्रक्रिया में शामिल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की ईमानदारी, निष्पक्षता और पेशेवर गरिमा की रक्षा की अपील की है। संघ का कहना है कि वे जन प्रतिनिधि हैं और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आरोपों पर चिंता व्यक्त की गई
दिल्ली सरकार कर्मचारी संघ के सचिव नरेंद्र दत्त ने राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा SIR प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से योग्य मतदाताओं के नाम हटाने और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए जा रहे सवालों की गंभीरता को समझते हैं। संघ का मानना है कि हर वास्तविक शिकायत की जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए, और बिना प्रमाण के आरोपों को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।
निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका
संघ ने स्पष्ट किया कि SIR की प्रक्रिया में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और अन्य सरकारी कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सभी कर्मचारी चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करते हैं और अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों का पालन करते हैं।
बिना सबूत आरोपों का असर
दिल्ली सरकार के कर्मचारी संघ ने कहा कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के सरकारी अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाने से उनके मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यदि किसी मामले में अनियमितता साबित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। संघ ने कहा कि दिल्ली और अन्य राज्यों के कर्मचारियों की ईमानदारी पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
राजनीतिक दलों से अपील
संघ ने विरोधी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की है कि वे अपने आरोपों के संदर्भ में सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष प्रमाण प्रस्तुत करें। उनके सार्वजनिक बयानों से सरकारी अधिकारियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया गया है कि वे सरकारी कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
कैंडल मार्च का प्रस्ताव
सभी सरकारी कर्मचारियों की गरिमा और सत्यनिष्ठा के समर्थन में संघ ने दिल्ली सचिवालय से राजघाट तक कैंडल मार्च और ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव रखा है। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कार्यक्रम आवश्यक अनुमतियों के अनुसार शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित किए जाएंगे।
दिल्ली सरकार के कर्मचारी संघ का उद्देश्य वास्तविक शिकायतों की जांच का विरोध नहीं करना है, बल्कि निष्पक्ष जांच और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों की प्रतिष्ठा की रक्षा करना है।
संघ ने सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने और निर्वाचन संबंधी कार्यों में लगे सरकारी अधिकारियों के मनोबल को बनाए रखने की अपील की है।
