दिल्ली हाई कोर्ट में CJP के विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
दिल्ली में CJP का विरोध प्रदर्शन और हाई कोर्ट की सुनवाई
नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस की कार्रवाई का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच चुका है। हालांकि, अदालत ने पुलिस के लाठीचार्ज से संबंधित याचिका पर तात्कालिक सुनवाई करने से मना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट को अनावश्यक रूप से नहीं खींचा जाना चाहिए। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 22 जुलाई निर्धारित की है।
सुनवाई में जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं
जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया। इस पर अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई निर्धारित तारीख पर होगी और इसे जल्दबाजी में नहीं रखा जाएगा।
सोनम वांगचुक का मामला
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़ी याचिका पर भी अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया। कोर्ट ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर की गई थी, जिसमें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल बदलने की मांग की गई थी।
दूसरे अस्पताल में स्थानांतरण का निर्देश
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि एम्स के डॉक्टर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की सलाह पेश की, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
दिल्ली पुलिस का बचाव
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
