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दीपावली 2023: भारतीय बाजारों में धनवर्षा का अनुमान, जानें क्या है कारोबार का आंकड़ा

दीपावली 2023 का त्योहार इस बार भारतीय बाजारों में धनवर्षा लाने का अनुमान है, जिसमें कुल कारोबार सात लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। कैट के आकलन के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में 15-18 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार का वितरण और उपभोक्ता शक्ति का महत्व इस पर्व को और भी खास बनाता है। जानें इस बार दीपावली का क्या महत्व है और कैसे यह भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
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दीपावली का त्योहार और आर्थिक अवसर


नई दिल्ली: दीपावली का पर्व इस बार न केवल घरों को रोशन करेगा, बल्कि यह देश के बाजारों में भी आर्थिक उछाल लाने वाला है। रोशनी, खुशियों और परंपराओं का यह महापर्व भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसर बन चुका है। व्यापारियों के चेहरों पर खुशी और बाजारों में चहल-पहल के बीच, इस बार त्योहारी कारोबार का आंकड़ा सात लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।


कैट का आकलन: कारोबार में वृद्धि

कैट के आकलन में 15-18 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान


अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार, देश के 70 शहरों के व्यापारिक संगठनों के साथ किए गए आकलन में नवरात्र से दीपावली तक कुल कारोबार सात लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 6.05 लाख करोड़ रुपये था, जिससे इस बार लगभग 15 से 18 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। दिल्ली में अकेले एक लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है।


दीपावली का महत्व

दीपावली उपभोक्ता शक्ति और स्वदेशी व्यापार का प्रतीक


खंडेलवाल ने कहा कि दीपावली भारतीय उपभोक्ता शक्ति, उद्यमिता और स्वदेशी व्यापार का प्रतीक बन चुकी है। उपभोक्ता का हर रुपया बाजार में उतरकर निर्माता, थोक व्यापारी, दुकानदार, कारीगर, परिवहन और वितरण से जुड़े लाखों लोगों तक पहुंचता है। इससे रोजगार और कारोबार दोनों को गति मिलती है।


विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार का वितरण

विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार की हिस्सेदारी


कैट के आकलन के अनुसार, किराना और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कारोबार 12 प्रतिशत, सोना-चांदी एवं आभूषण 10 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स 8 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, कपड़े और उपहार सामग्री में सात-सात प्रतिशत हिस्सेदारी रहने का अनुमान है। इसके अलावा, गृह सज्जा, फर्नीचर, मिठाई और अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी मांग बनी हुई है।


सेवा क्षेत्रों में वृद्धि

सेवा क्षेत्रों में वृद्धि और स्वदेशी अपनाने की अपील


त्योहारी मौसम में परिवहन, माल ढुलाई, वितरण, होटल, पर्यटन, खानपान, सजावट और आयोजन जैसे सेवा क्षेत्रों में भी 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। इस क्षेत्र का कारोबार 80 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। खंडेलवाल ने नौ करोड़ से अधिक व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बताते हुए स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'वोकल फॉर लोकल', 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का संकल्प बाजारों को नई ताकत दे रहा है।