Newzfatafatlogo

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी का जोरदार स्वागत, छात्रों की जीत का ऐलान

आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया, इसे छात्रों की ऐतिहासिक जीत करार दिया। पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह युवा शक्ति की जीत है और उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। विरोध प्रदर्शनों के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई और केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 | 

चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी का बयान


चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे छात्रों और युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया। पार्टी ने कहा कि यह उन लाखों छात्रों की मेहनत का फल है, जो लगातार पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भाजपा की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे।


इससे पहले, आप ने केंद्र की नीतियों के खिलाफ 'थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ' के नारे के साथ पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता छात्रों के समर्थन में हर जिले में सड़कों पर उतरे और बार-बार पेपर लीक और भर्ती प्रणाली की समस्याओं पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।


हरपाल सिंह चीमा का महत्वपूर्ण बयान

हरपाल सिंह चीमा का बड़ा बयान


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा शक्ति की एक बड़ी जीत है। प्रधानमंत्री मोदी को इसे तुरंत स्वीकार करना चाहिए। भाजपा ने युवाओं की मांगों के आगे झुकने के लिए मजबूर किया है। हमें उम्मीद है कि इससे शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक की समस्या का समाधान होगा। इंकलाब ज़िंदाबाद।"


इस दौरान, आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने इस्तीफे को करोड़ों विद्यार्थियों और लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण जीत बताया। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई का सामना किया। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने की कोशिश की, लेकिन विद्यार्थियों की एकता ने केंद्र को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।"


भविष्य के लिए मांगें

मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा और भर्ती प्रणाली में व्यापक बदलाव की मांग की, जिससे लाखों युवाओं के भविष्य को खतरा है।


उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि यदि वह विद्यार्थियों, किसानों और अन्य वर्गों की आवाज़ों को नजरअंदाज करती रही, तो लोग फिर से लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे।


आप ने यह भी कहा कि जब तक देश की शिक्षा प्रणाली पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनती, तब तक वह छात्रों के मुद्दों को उठाती रहेगी।