धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में संतों का एकजुटता: धार्मिक विवाद पर राजनीतिक आरोप
वृंदावन में संतों की बैठक
वृंदावन: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण पर दिए गए बयान को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को वृंदावन में संत, धर्माचार्य और भागवत कथा प्रवक्ता उनके समर्थन में एकत्रित हुए। मुरलीवाला होटल में आयोजित इस बैठक में वक्ताओं ने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। इस दौरान युवाओं ने धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता डॉ. कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री इस समय देशभर में सनातन धर्म का प्रचार कर रहे हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को कमजोर करने के लिए उनके भावनात्मक बयान को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायियों को ऐसे विवादों से प्रभावित नहीं होना चाहिए, बल्कि संत समाज को एकजुट होकर धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन करना चाहिए।
संत गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच कोई भेद नहीं किया है। दोनों ने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए अवतार लिया था। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर उनके बयान को विवाद का विषय बना रहे हैं। पंडित मृदुलकांत शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को सनातन प्रेमी मुंहतोड़ जवाब देंगे। धर्म प्रचारक नागेंद्र गौड़ महाराज ने कहा कि संत समाज और भागवत कथा प्रवक्ता पूरी मजबूती से धीरेंद्र शास्त्री के साथ खड़े हैं। उन्हें कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सहन नहीं किया जाएगा।
बैठक में सुदामा कुटी के श्रीमहंत सुतीक्ष्ण दास महाराज, संजीव कृष्ण ठाकुर, रसराज महाराज, रोहित रिछारिया, विनय त्रिपाठी, शिवम साधक, देवांशु गोस्वामी, संजय हरियाणा, पूर्णेंदु गोस्वामी, स्वामी देवानंद कृष्णानंद महाराज, सुमंत कृष्ण शास्त्री, पूर्ण कौशिक महाराज, मनीष चतुर्वेदी, रामचंद्र दास, गुरु प्रसाद, हरिहर मुद्गल शास्त्री और धनंजय दास सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे।
