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नशे के खिलाफ जंग: अमित शाह ने 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ एक नई रणनीति का खाका खींचा, जिसमें न केवल मादक पदार्थों की बरामदगी, बल्कि उनके पीछे के नेटवर्क को समाप्त करने पर जोर दिया गया। इस सम्मेलन में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई। जानें इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में और क्या-क्या चर्चा हुई।
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नई दिल्ली में नशे के खिलाफ निर्णायक सम्मेलन


नई दिल्ली: मंगलवार को नई दिल्ली में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि अब नशे के कारोबार पर केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि इसके संपूर्ण नेटवर्क को समाप्त करने की योजना बनाई जाएगी। लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जाए।


नशामुक्त भारत का संकल्प

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश को नशामुक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है, और युवाओं की ऊर्जा, स्वास्थ्य, कौशल और सोचने की क्षमता ही देश को विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। इस संदर्भ में नशा केवल एक अपराध नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए एक गंभीर चुनौती है।


नशे के खिलाफ सख्त कदम

एक ग्राम भी नहीं आएगा, एक ग्राम भी नहीं जाएगा


गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए कहा कि न तो एक ग्राम मादक पदार्थ भारत में आने दिया जाएगा और न ही इसे बाहर जाने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस लड़ाई को संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर लड़ा जाना चाहिए। अब कार्य करने का तरीका बदलना होगा, और केवल मादक पदार्थों की बरामदगी नहीं, बल्कि उनके पीछे काम कर रहे गिरोह और आर्थिक तंत्र को भी नष्ट करना आवश्यक है।


कार्टेल पर तीन स्तरों पर प्रहार

कार्टेल पर तीन तरफ से हमला


अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के कार्टेल पर तीन स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी: नशे के देश में प्रवेश के स्थान, अंतरराज्यीय वितरण प्रणाली, और स्थानीय नेटवर्क। इसके लिए जिलों को तीन श्रेणियों में बांटकर रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा बढ़ाना होगा, जिसमें आर्थिक लेन-देन और डिजिटल संपर्कों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।


विदेशी तस्करों पर शिकंजा

विदेश में बैठे तस्करों पर भी शिकंजा


गृह मंत्री ने विदेशों में बैठकर भारत में नशे की आपूर्ति करने वाले भगोड़ों को पकड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजने और उन्हें काली सूची में डालने का अभियान चलाना चाहिए। इसके साथ ही सीमाओं और नशे के उत्पादन केंद्रों पर निगरानी को मजबूत करने की बात भी कही।


जागरूकता अभियान का विस्तार

दस लाख संस्थानों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान


नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को बड़े स्तर पर फैलाने की योजना है। अब तक 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं, जो देश के 10 लाख स्कूलों और महाविद्यालयों में जाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेंगे।


नई चुनौतियों के लिए नई रणनीतियाँ

नए खतरों के लिए नई रणनीति


गृह मंत्री ने सिंथेटिक ड्रग्स, मादक पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के दुरुपयोग, डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी, और नई संचार तकनीकों को उभरती चुनौतियाँ बताया। उन्होंने राज्यों में विशेष टीमों का गठन करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क से निपटने के लिए नए तरीके खोज सकें।


2026-2029 का रोडमैप

2026-2029 का रोडमैप तैयार


अमित शाह ने कहा कि दृष्टि दस्तावेज 2026-2029 को 35 से अधिक विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें चार प्रमुख स्तंभों के तहत 100 से अधिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल को केवल कार्रवाई करने वाली इकाई नहीं, बल्कि 'नशा विरोधी मिशन कमान' के रूप में विकसित करना होगा।


टीवी अभियान और नए क्षेत्रीय परिसरों की नींव

टीवी अभियान लॉन्च नए क्षेत्रीय परिसरों की नींव


सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाला टेलीविजन विज्ञापन जारी किया। इसके साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया गया और लखनऊ तथा देहरादून में नए क्षेत्रीय परिसरों की आधारशिला रखी गई।