नासिक TCS मामले में चौंकाने वाले खुलासे: निदा खान ने कबूला अपना जुर्म
मुख्य बातें
मुंबई: नासिक स्थित TCS कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। मुख्य आरोपी निदा खान ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि धर्मांतरण की योजना कार्यालय के कैफे में बनाई जाती थी।
1. निदा खान ने कबूला, खुद देती थी नमाज की ट्रेनिंग
शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने वाली निदा खान ने अंततः स्वीकार किया कि वह पीड़िता को नमाज पढ़ाना सिखाती थी। उसने पुलिस को अपने घर ले जाकर उस कमरे को भी दिखाया जहां वह पीड़िता को बुलाकर ट्रेनिंग देती थी।
2. तौसिफ ने दिया अजमेर का हवाला
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तौसिफ अत्तार ने उसकी व्यक्तिगत स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश की। उसने कहा कि संतान न होने पर अजमेर के एक मौलवी से संपर्क करने पर बच्चे की गारंटी मिलेगी। पुलिस अब इस पहलू और मौलवी के संबंध की जांच कर रही है।
3. मोबाइल से मिले 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप और ऐप्स
फॉरेंसिक जांच में पीड़िता के फोन से इस्लाम से संबंधित 37 ऑडियो क्लिप्स मिली हैं। इसके अलावा, कई यूट्यूब लिंक और 4 मुस्लिम धर्म से जुड़े ऐप्स भी इंस्टॉल पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी ऐप्स दानिश और निदा के कहने पर फोन में डाले गए थे।
4. ऑफिस का कैफे बना साजिश का अड्डा
तौसिफ अत्तार ने स्वीकार किया कि TCS बिल्डिंग की 7वीं मंजिल पर स्थित कैफे ही पूरी साजिश का केंद्र था। दानिश, निदा और तौसिफ अक्सर यहीं बैठकर पीड़िता के धर्मांतरण की योजना बनाते थे। कैफे का उपयोग केवल खाने-पीने के लिए नहीं किया जा रहा था।
5. रमजान में रोजे रखने का दबाव
चार्जशीट के अनुसार, 2025 के रमजान में पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया गया। दानिश और तौसिफ ने उसे 30 दिन के रोजे रखने के लिए कहा। निदा रमजान की तारीखें बताती थी, जबकि दानिश सहरी और इफ्तार का समय निर्धारित करता था।
106 गवाहों के बयान दर्ज
यह ध्यान देने योग्य है कि पुलिस की चार्जशीट में शिकायतकर्ता, उसकी मां, TCS के कर्मचारी, प्रबंधन, POSH समिति के सदस्य और जांच अधिकारियों समेत 106 लोगों के बयान शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने महिला कर्मचारियों की शिकायत के बाद SIT का गठन किया था।
TCS ने कहा है कि कंपनी की नीति उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ सख्त है और नासिक ऑफिस में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अजमेर कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
