निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, जानें कारण और इतिहास
सुरेंद्र कोली की आत्महत्या का मामला
देहरादून: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में आत्महत्या कर ली है। वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मंगरुखाल गांव का निवासी था। इस घटना ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। सुरेंद्र कोली को भूपतवाला क्षेत्र में एक चाय की दुकान के पास फांसी पर लटका हुआ पाया गया। सूचना मिलने पर कोतवाली और सप्त ऋषि पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
आत्महत्या के कारण
कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को आत्महत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
निठारी कांड का भयावह इतिहास
निठारी कांड का मामला दिसंबर 2006 में सामने आया था, जब नोएडा के सेक्टर 31 में कई बच्चों के कंकाल मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। पुलिस ने कोठी के मालिक मनेंद्र सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। कोली पर हत्या और बलात्कार के 16 गंभीर मामले दर्ज थे, जिसमें उसे मौत की सजा सुनाई गई थी।
कानूनी लड़ाई और बरी होने का सफर
इस मामले में कई कानूनी मोड़ आए। 2006 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली को फांसी की सजा सुनाई, जिसे 2015 में उम्रकैद में बदल दिया गया। अंततः 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उसे निर्दोष करार देते हुए रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी मनेंद्र सिंह पंढेर को पहले ही बरी किया जा चुका था। कोली की इस आत्महत्या ने उस काले अध्याय को फिर से ताजा कर दिया है।
