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नीरव मोदी मामले में संदीप मिस्त्री की भारत वापसी: सीबीआई ने की बड़ी कार्रवाई

सीबीआई ने नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। मिस्त्री पर बैंक धोखाधड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में यह सामने आया है कि वह कंपनियों के संचालन में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता था। सीबीआई ने इस मामले में इंटरपोल के माध्यम से प्रभावी समन्वय का उदाहरण पेश किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और मिस्त्री की गिरफ्तारी की कहानी।
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संदीप मिस्त्री की गिरफ्तारी और भारत वापसी


नई दिल्ली: नीरव मोदी से जुड़े प्रसिद्ध पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वांछित आरोपी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के बाद, मिस्त्री को यूएई में गिरफ्तार किया गया और फिर उसे भारत भेजा गया, जहां मुंबई पहुंचते ही सीबीआई ने उसे हिरासत में ले लिया।


सीबीआई के अनुसार, संदीप मिस्त्री पर बैंक धोखाधड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में यह सामने आया है कि वह विभिन्न कंपनियों के संचालन में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता था। आरोप है कि वह कंपनियों के दैनिक कार्यों की निगरानी करता था और गुप्त संचार माध्यमों के जरिए निर्देश देता था, ताकि जांच एजेंसियों को सबूत न मिल सकें।


जांच एजेंसी का कहना है कि मिस्त्री ने हीरे, सोने और मोती के आभूषणों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को वैध दिखाने के लिए फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करने में भी मदद की। इसके अलावा, उसने विदेशी कंपनियों के नाम पर बनाए गए डमी निदेशकों पर दबाव डालकर उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया गया है।


सीबीआई के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों ने डमी कंपनियों के निदेशकों को गिरफ्तारी का भय दिखाकर और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर दबाव में रखा। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने यूएई स्थित डमी कंपनियों के बैंक खातों से धन निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले में आरोपपत्र सक्षम अदालत में पेश किया जा चुका है।


जुलाई में रेड कॉर्नर नोटिस, सितंबर में भारत वापसी


सीबीआई के अनुरोध पर जुलाई 2026 में इंटरपोल के माध्यम से संदीप मिस्त्री के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। इसके बाद, यूएई अधिकारियों की सहायता से उसे गिरफ्तार किया गया और भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। सीबीआई ने इस प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय का उदाहरण बताया है।


संदीप मिस्त्री 28 सितंबर 2026 की रात 11:55 बजे मुंबई पहुंचा, जहां सीबीआई की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (बीएसएफबी) के अधिकारियों ने उसे अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल हिरासत में भेज दिया गया।


सीबीआई भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित अपराधियों से संबंधित सूचनाओं और कार्रवाई के लिए समन्वय करती है। सीबीआई के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से 175 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है।