Newzfatafatlogo

नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में एम्स का नया कदम: 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन

एम्स नई दिल्ली ने 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें नेत्रदाताओं के परिवारों और सहयोगी संगठनों को सम्मानित किया गया। नेशनल आई बैंक ने पिछले 61 वर्षों में 38,000 से अधिक कॉर्निया एकत्र किए हैं और 28,000 से ज्यादा नेत्रहीन मरीजों को नई रोशनी दी है। कार्यक्रम में कॉर्निया संग्रह को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीकों और साझेदारियों पर चर्चा की गई। एम्स ने जागरूकता बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में 10 एकीकृत दृष्टि केंद्र स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
 | 

नेत्रदान को बढ़ावा देने की मुहिम


नई दिल्ली: नेत्रदान को प्रोत्साहित करने और कॉर्निया के माध्यम से दृष्टिहीनता को दूर करने के लिए एम्स नई दिल्ली का नेशनल आई बैंक लगातार नई उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को, 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर, जे.एल. ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेत्रदाताओं के परिवारों, अस्पतालों, गैर-सरकारी संगठनों और आई बैंक से जुड़े कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।


नेत्रदान का संकल्प लें, हर पल किसी की दुनिया रोशन करें

पिछले 61 वर्षों में, नेशनल आई बैंक ने 38,000 से अधिक कॉर्निया एकत्र किए हैं, और 28,000 से ज्यादा नेत्रहीन मरीजों को कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से नई रोशनी दी है। इस दौरान, 500 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों को अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया है।


2025 में 2167 कॉर्निया का संग्रह

नेशनल आई बैंक ने वर्ष 2025 में 2,167 कॉर्निया एकत्र किए, जिनमें से 1,775 यानी लगभग 82 प्रतिशत कॉर्निया अस्पतालों के संग्रह कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त हुए। इसी अवधि में 1,775 कॉर्निया प्रत्यारोपण भी किए गए। लगातार चौथे वर्ष, नेशनल आई बैंक ने सालाना 1,300 से अधिक कॉर्निया प्रत्यारोपण का आंकड़ा पार किया है।


एक दाता, कई मरीजों को रोशनी

नेशनल आई बैंक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 'एक दाता, कई मरीज' मॉडल है। नई झिल्ली अलग करने की तकनीकों के माध्यम से, एक ही दान किए गए कॉर्निया से कई मरीजों के लिए परतदार प्रत्यारोपण और स्टेम सेल उपचार संभव हो रहे हैं। इससे दान किए गए प्रत्येक कॉर्निया का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।


एक नेत्रदान से कई चेहरों पर मुस्कान

वर्ष 2025 में आरपी सेंटर में 631 ऑप्टिकल केराटोप्लास्टी की गईं। इसके अलावा, स्वदेशी कॉर्निया संरक्षण माध्यम एक्सस्टोरसोल की 4,652 से अधिक शीशियां देश के 24 राज्यों के 130 आई बैंकों को उपलब्ध कराई गईं।


अस्पतालों के साथ सहयोग

कॉर्निया संग्रह को मजबूत करने के लिए, नेशनल आई बैंक ने अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, इंदिरा गांधी अस्पताल द्वारका और नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल अस्पताल के साथ समझौते किए हैं। बच्चों में कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए विशेष पहल भी की जा रही है।


आधुनिक तकनीक से तेजी से लौट रही नजर

आरपी सेंटर ने स्यूचरलेस डीएमईके जैसी अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया है, जिसमें केवल काम करने वाली एंडोथीलियल झिल्ली का प्रत्यारोपण किया जाता है। इससे मरीजों में दृष्टि की बहाली तेजी से हो सकती है। इसके साथ ही, केराटोकोनस और फुक्स एंडोथीलियल कॉर्नियल डिस्ट्रॉफी जैसी बीमारियों पर आणविक स्तर पर शोध भी किया जा रहा है।


दिल्ली-एनसीआर में 10 एकीकृत दृष्टि केंद्र

एम्स और विजन-एड के बीच पांच वर्ष की साझेदारी के तहत, दिल्ली-एनसीआर में 10 एकीकृत दृष्टि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बच्चों में सेरेब्रल विजुअल इम्पेयरमेंट के लिए एक विशेष संसाधन केंद्र भी बनाया जाएगा। नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और आवासीय क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। 25 अगस्त को एम्स परिसर में 'वॉक फॉर आई डोनेशन' का आयोजन भी किया गया।


कार्यक्रम में नेत्रदाताओं के परिवारों के साथ-साथ सहयोगी आई बैंक, अस्पतालों और सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया गया। नेशनल आई बैंक को पिछले वर्ष नेत्र बैंकिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।