पंजाब की महिलाओं के लिए नई क्रांति: 'मावां-धियां सत्कार योजना' का आगाज़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का अभिनव कदम
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'मावां-धियां सत्कार योजना' को महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक क्रांति के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने इस योजना को हर मां और बहन का ब्रांड एंबेसडर मानते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान और वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है। अब तक 75 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना में पंजीकृत हो चुकी हैं, और 3,824.87 करोड़ रुपये की सम्मान राशि उनके बैंक खातों में सीधे भेजी जा चुकी है।
भावुक मुलाकात का क्षण
भावुक मुलाकात बीबी गुरमेल कौर का आशीर्वाद
इस योजना की लाभार्थी बीबी गुरमेल कौर, जिन्हें मेलो के नाम से जाना जाता है, ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया और कहा कि उनसे मिलकर उन्हें सुकून मिला है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो में कहा, "आपसे मिलकर मेरी आत्मा को सच्चा सुकून मिला है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वाहेगुरु आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनाए रखें।" उन्होंने सभी माताओं और बहनों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस योजना को सफल बनाया है।
योजना का महत्व
हर मां-बहन ब्रांड एंबेसडर
मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब की हर मां और बहन इस योजना की ब्रांड एंबेसडर है। यह योजना माताओं और बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी।" उन्होंने बीबी गुरमेल कौर का विशेष रूप से सम्मान किया, जो इस योजना के शुभारंभ के बाद चर्चा में रहीं।
योजना की सफलता और भविष्य की योजनाएं
योजना की सफलता के लिए धन्यवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 3,824.87 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। उन्होंने सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे पंजीकरण करवाएं और इस योजना का लाभ उठाएं।
बजट आवंटन और लाभ की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिससे लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी।
महिलाओं का सशक्तिकरण
वित्तीय आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।
