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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर जवानों की अद्वितीय वीरता और बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग पूर्व सैनिकों को सहायता प्रदान की और शहीदों की विरासत को संजोने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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मुख्यमंत्री ने शहीदों को किया याद


चंडीगढ़: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज देश की संप्रभुता की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन जवानों की अद्वितीय वीरता और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


सीएम ने वार मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने वार मेमोरियल पर जाकर पुष्पमाला अर्पित की और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात की, दिव्यांग पूर्व सैनिकों को दोपहिया वाहन वितरित किए और एनसीसी कैडेटों को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार की शहीदों के परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को भी उन्होंने दोहराया।


मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज 27वें कारगिल विजय दिवस पर मैं उन 527 वीर जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इनमें पंजाब के 65 वीर सपूत भी शामिल हैं।"


उन्होंने कहा, "शहीद केवल अपने परिवार के नहीं होते, वे पूरे देश की धरोहर हैं। आज हम जो स्वतंत्रता और सुरक्षा का अनुभव कर रहे हैं, वह हमारे वीर जवानों के बलिदान का परिणाम है। उनकी शहादत को याद करना और उनकी विरासत का सम्मान करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। जय हिंद।"


वीरता और बलिदान की प्रेरणा

जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों का बलिदान नई पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में 527 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें 65 पंजाब के थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का इतिहास बलिदानों से भरा है और जो समाज अपने इतिहास का सम्मान करता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान कभी नहीं भुलाया जा सकता और उनकी विरासत को संजोना हमारी जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कारगिल की बर्फीली चोटियां हों या जैसलमेर का तपता रेगिस्तान, हमारे सैनिक हमेशा देश की एकता और संप्रभुता की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।


सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह सशस्त्र सेनाओं के वीर जवानों और महिला सैनिकों की सेवाओं को सम्मान देने का एक प्रयास है।


उन्होंने एनसीसी कैडेटों से कहा कि सशस्त्र बलों के माध्यम से देश की सेवा करना सबसे महान कार्यों में से एक है। युवाओं को इस पवित्र दायित्व को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए, उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने में मदद करेगी।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने वार मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वार मेमोरियल पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 'लास्ट पोस्ट' की धुन बजाई गई और दो मिनट का मौन रखा गया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी सेवाओं की सराहना की।


इसके बाद, उन्होंने पीएपी बैंड द्वारा प्रस्तुत भव्य गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी भी ली।