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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बंदी सिंहों की रिहाई के लिए उठाए कदम

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बंदी सिंहों की रिहाई के लिए हर संभव कानूनी उपाय अपनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मुद्दे पर चर्चा की और सिख संगठनों से शांतिपूर्ण संघर्ष की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला अनसुलझा नहीं रह सकता और राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक में क्या हुआ और आगे की योजना क्या है।
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मुख्यमंत्री का बयान


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि उनकी सरकार बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक उपायों का सहारा लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को अनसुलझा नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्यपाल को आश्वासन दिया था कि यदि जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल दी जाती है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखा जाएगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है।


पैरोल के मुद्दे पर चर्चा

परमजीत सिंह भिओरा और जगतार सिंह तारा की पैरोल का मुद्दा उठाएंगे


मुख्यमंत्री ने कहा कि वह परमजीत सिंह भिओरा और जगतार सिंह तारा की पैरोल के मुद्दे को पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने सिख संगठनों से अपील की कि वे अपने संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और कानून के दायरे में जारी रखें।


कौमी इंसाफ मोर्चा के साथ बैठक

कौमी इंसाफ मोर्चा के साथ बैठक और आश्वासन


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में उनकी मांगों पर चर्चा की गई और उन्हें आश्वासन दिया गया कि सरकार बंदी सिंहों की रिहाई के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।


सिख संगठनों और किसान यूनियनों के साथ चर्चा

सिख संगठनों और किसान यूनियनों के साथ चर्चा


मुख्यमंत्री ने सिख संगठनों और किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि सरकार इस मामले में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह मामला अनसुलझा नहीं रह सकता और 'आप' सरकार न्याय के पक्ष में खड़ी है।


कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विभिन्न नेताओं के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है, तो राज्य में शांति बनी रहेगी।


केंद्र सरकार की भूमिका

केंद्र सरकार द्वारा पैरोल न दिए जाने पर अफसोस


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया था, फिर भी पैरोल नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।


अन्य बंदी सिंहों की रिहाई

अन्य बंदी सिंहों की रिहाई का रास्ता आसान हो सकता है


मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है, तो यह अन्य बंदी सिंहों की रिहाई का रास्ता भी आसान कर सकती है। उन्होंने सिख संगठनों से अपील की कि वे अपने संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखें।


राज्यपाल के समक्ष मुद्दा उठाने का निर्णय

राज्यपाल के समक्ष मुद्दा उठाने और कानूनी जांच का निर्देश


मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले को पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे और महाधिवक्ता से कानूनी पहलुओं की जांच करने के लिए कहा।


सरकार की प्रतिबद्धता

न्याय, मानवता और अधिकारों के सवाल पर सरकार की प्रतिबद्धता


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बंदी सिंहों की रिहाई के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएगी। यह मामला न्याय, मानवता और अधिकारों से जुड़ा है।


बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उपस्थित अधिकारी


बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।