पंजाब में नशे के खिलाफ जन जागरूकता: मुख्यमंत्री ने बाइकर्स रैली को दिखाई हरी झंडी
चंडीगढ़ में नशा-विरोधी मुहिम का नया चरण
चंडीगढ़: पंजाब सरकार की नशा-विरोधी मुहिम 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई में जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मानसिक स्वास्थ्य, समय पर हस्तक्षेप और सामुदायिक सहयोग के महत्व को उजागर किया है। इस दिशा में, राज्यभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
रायत-बहरा विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, रायत-बहरा विश्वविद्यालय में 'मेंटल हेल्थ एंड रिड्यूसिंग द डिमांड फॉर ड्रग्स' विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। यह कार्यक्रम पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग और नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) के तहत डेटा इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (डीआईटीएसयू) द्वारा आयोजित किया गया।
नशे के मानसिक और भावनात्मक पहलुओं पर जोर
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या को केवल शारीरिक स्वास्थ्य से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसके मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। तनाव, अकेलापन और व्यक्तिगत समस्याएं युवाओं को नशे के प्रति संवेदनशील बना सकती हैं। इसलिए, पंजाब सरकार की 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के तहत समय पर हस्तक्षेप और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
देश की पहली मानसिक स्वास्थ्य फेलोशिप का समापन
इस पैनल चर्चा के साथ, राज्य के लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (एलएमएचपी) के फेलो के लिए आयोजित सप्ताह भर के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन भी हुआ। इसे नशे की समस्या को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई देश की पहली फेलोशिप बताया गया।
चर्चा में प्रमुख मनोचिकित्सक और युवा इन्फ्लुएंसर शामिल
इस चर्चा में मनोवैज्ञानिक प्रनीत कौर, मनोचिकित्सक डॉ. सुखतेज साहनी, सोशल इन्फ्लुएंसर मेहुल सैनी और मोटरसाइकिल राइडर शिवानी चौहान ने भाग लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, राइडर समूहों के सदस्यों और अन्य प्रतिभागियों की भी उपस्थिति रही।
दबाव से बचने और मित्रों की मदद करने की सलाह
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे नशीले पदार्थों का सेवन करने के लिए साथियों के दबाव में न आएं। यदि किसी मित्र में नशे के संकेत दिखाई दें, तो उसे मज़ाक उड़ाने के बजाय मदद के लिए प्रोत्साहित करें। विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक मित्रता विकसित करने की सलाह दी।
भावनात्मक समस्याओं पर खुलकर बात करने की सलाह
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपनी भावनात्मक परेशानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं से सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
सीएम मान ने बाइकर्स रैली को दिखाई हरी झंडी
सुबह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब के छप्पड़ चिड़ी से 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के नए चरण की शुरुआत की। उन्होंने पंजाब अगेंस्ट ड्रग्स बाइकर्स रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाना है।
नशे के खिलाफ जन आंदोलन का आह्वान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी से नशे के खिलाफ इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
