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पंजाब में नौकरी का नया मानक: काबिलियत पर आधारित भर्ती प्रक्रिया

पंजाब में पिछले चार वर्षों में नौकरी पाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि अब युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी दी जा रही है, बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के। इस दौरान, पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में भी केरल को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। जानें इस नई प्रक्रिया के बारे में और कैसे यह युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रही है।
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पंजाब में सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता


पंजाब में 69,094 सरकारी नौकरियों का वितरण


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पिछले चार सालों में राज्य में नौकरी पाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां युवा विदेशों की ओर बढ़ रहे थे, अब वे वापस आकर अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी पा रहे हैं। मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को नौकरी देने का काम किया है।


उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार की पारदर्शिता नीति के कारण किसी भी भर्ती के खिलाफ अदालत में कोई मामला नहीं गया है। पिछले चार सालों में कुल 69,094 सरकारी नौकरियों का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं ने पुरानी परंपराओं को पूरी तरह से बदल दिया है।


शिक्षा में पंजाब की उपलब्धियां

सीएम मान ने पंजाब की शिक्षा में प्रगति को उजागर करते हुए कहा कि राज्य ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है, जो इस बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर समारोह की कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें 866 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए।


उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के कारण युवाओं का सरकारी सिस्टम में विश्वास बढ़ा है और विदेशों की ओर पलायन कम हुआ है।


नियुक्तियों का विवरण

नियुक्ति पत्र बांटने के बाद, मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से 636 नियुक्तियां स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में की गई हैं, जिसमें 614 स्टाफ नर्सेज शामिल हैं। इसके अलावा, अन्य विभागों में भी नियुक्तियां की गई हैं, जैसे शुगरफेड में 101, वित्त विभाग में 57 जूनियर ऑडिटर्स, और गृह विभाग में 10 लॉ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।