पंजाब में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पत्नी को 2 करोड़ मुआवजा और नौकरी का आश्वासन
परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर नई जानकारी
पंजाब समाचार: पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार करने के लिए पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत, झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी और 2 करोड़ रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया गया है।
बैठक में हुई चर्चा
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ एक्शन कमेटी की बैठक लगभग 5 घंटे तक चली। इस बैठक में जेल में बंद लाखा सिधाना समेत अन्य नेताओं की रिहाई और कई अन्य मांगों पर सहमति बनी।
मुआवजा और नौकरी का आश्वासन
सरकार ने झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया है। नेताओं की रिहाई के बाद झोटा का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा और इसके अगले दिन अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके साथ ही, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।
दलजीत की पत्नी को भी मिलेगा लाभ
दलजीत सिंह भम्मे के परिवार को भी नौकरी और मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है। एक्शन कमेटी के मीडिया इंचार्ज हरदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि बैठक के दौरान जेल में बंद नेताओं की रिहाई के मुद्दे पर कई घंटे तक चर्चा हुई। अन्य मांगों पर सहमति बनने के बावजूद, एक्शन कमेटी ने नेताओं की रिहाई के बिना पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति नहीं दी।
झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर
सिद्धू के अनुसार, बैठक में ख्याला कलां में परविंदर सिंह झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए एक सप्ताह के भीतर मंजूरी देने पर सहमति बनी। इसके अलावा, संबंधित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच करवाने का भी आश्वासन दिया गया।
झोटा की प्रतिमा लगाने पर चर्चा
परिवार के अनुसार, झोटा की याद में प्रतिमा लगाने पर भी सहमति बनी है, लेकिन घटनास्थल पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि घटनास्थल निजी संपत्ति होने के कारण वहां प्रतिमा लगाने में कानूनी अड़चन आ सकती है।
हत्या की घटना का विवरण
परविंदर सिंह झोटा, जो पंजाब के मानसा जिले के एक प्रमुख नशा-विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता थे, की हत्या 13 अक्तूबर, 2026 को हुई थी। उन्हें मानसा में एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी जब वह नशे के प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को लेकर केमिस्ट से बात कर रहे थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया था।
