पुणे में केतन अग्रवाल की मौत: क्या है साजिश का सच?
पुणे में केतन अग्रवाल की मौत की जांच में नया मोड़
पुणे: पुणे के लोहागढ़ किले में केतन विशाल अग्रवाल की मृत्यु की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं, जिससे साजिश की संभावना बढ़ गई है। CCTV फुटेज, परिवार के बयान और तकनीकी साक्ष्य ने केतन की मौत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांचकर्ताओं का कहना है कि परिवार से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिससे केतन के स्वभाव को समझने में मदद मिली है।
परिवार ने बताया केतन था बेहद सतर्क
परिवार ने पुलिस को बताया कि केतन हमेशा सतर्क रहता था और बेवजह जोखिम नहीं उठाता था। ट्रेकिंग के दौरान भी वह दूसरों से 10 से 20 फीट की दूरी बनाए रखता था और कठिन रास्तों पर हमेशा चौकस रहता था।
गोवा की यात्रा के दौरान उसने समुद्र में तैरने से भी मना कर दिया था। ऐसे में जांचकर्ता यह सोच रहे हैं कि क्या वह खुद से चट्टान के किनारे खतरनाक जगह जाएगा। केतन के दो चाचाओं ने पुलिस के साथ लगभग पांच घंटे बिताए और उन्होंने केतन की आदतों और सोच के बारे में जानकारी दी। हालांकि, परिवार ने किसी पर सीधे आरोप नहीं लगाया।
18 दिन में तीन बार क्यों गया लोहागढ़
जांचकर्ताओं के लिए एक बड़ा सवाल यह था कि केतन 18 दिन में तीन बार लोहागढ़ किले क्यों गया। इसका उत्तर खोजने के लिए पुलिस ने 18 जून से CCTV फुटेज की जांच की। 21 जून की सुबह 9 से दोपहर 1 बजे की रिकॉर्डिंग में शुरुआत में कुछ अजीब नहीं लगा, लेकिन फुटेज के अंत में एक हुडी और हेडफोन पहने युवक दिखाई दिया।
33 डिग्री गर्मी में हुडी पहने शख्स पर शक
पुलिस ने मौसम के रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें तापमान लगभग 33 डिग्री था। इतनी गर्मी में हुडी पहनना संदिग्ध लगा। फुटेज को फिर से देखने पर पता चला कि वह व्यक्ति पहाड़ी पर दौड़ता हुआ आया और केतन और सिया को देखते ही रुक गया।
जांच में यह भी सामने आया कि उसने हाथ से इशारा किया और सिया ने भी जवाब दिया। सिया बार-बार पीछे मुड़कर देख रही थी, जिससे पुलिस का मानना है कि दोनों के बीच इशारों में बातचीत हुई।
खराब CCTV और टिकट में देरी से बढ़ी उलझन
किले के कई CCTV कैमरे बंदरों के कारण खराब हो गए थे, जिससे कुछ हिस्सों की फुटेज नहीं मिल पाई। वहीं, मोबाइल नेटवर्क की खराबी के कारण केतन टिकट नहीं खरीद सका। इस दौरान हुडी वाला व्यक्ति पास ही रुका रहा और बाद में बिना टिकट के ऊपर चला गया।
साजिश की आशंका, पुलिस कर रही जांच
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस का संदेह और बढ़ गया। परिवार ने बताया कि 4 जून को केतन को किले जाने से रोका गया था, लेकिन 14 जून को सिया के परेशान होने पर अनुमति दी गई। 17 जून को केतन ने बताया कि सिया के दोस्त ने 18 जून के लिए एक सरप्राइज योजना बनाई है।
पुलिस को संदेह है कि किले पहुंचने से पहले ही कोई योजना बनाई गई थी। आरोप है कि सिया को एक निश्चित स्थान पर थकने का नाटक करना था, जो चेतन नाम के व्यक्ति के लिए इशारा था। दावा किया गया है कि जैसे ही सिया बैठी, केतन रुका और चेतन ने उसे धक्का दे दिया। पुलिस ने अभी तक अंतिम पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
