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प्रतापगढ़ में बारिश के बीच मकान ढहने से छह लोगों की हुई मौत, जानें पूरी घटना

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में बारिश के कारण एक पुराना मकान ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई। यह दर्दनाक हादसा बुधवार की रात हुआ, जब छत गिरने से परिवार के लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है। जानें इस घटना की पूरी जानकारी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
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प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा


प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हो रही लगातार बारिश के कारण एक दुखद घटना घटी है। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली वार्ड में बुधवार की रात एक पुराना मकान अचानक ढह गया। इस हादसे के समय घर में कई परिवार के सदस्य मौजूद थे। मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।


छत गिरने की घटना

जानकारी के अनुसार, यह घटना रात लगभग तीन बजे हुई। लगातार बारिश के चलते मकान की स्थिति पहले से ही खराब थी। अचानक छत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे घर में सो रहे लोग मलबे के नीचे दब गए।


छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद राहत और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा।


रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी

पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। लगभग दो घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों और पीड़ितों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल अमन का इलाज जारी है, और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।


मृतकों की पहचान

इस हादसे में मकान के मालिक 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव और उनकी 55 वर्षीय पत्नी रीता श्रीवास्तव की जान चली गई। उनके 25 वर्षीय बेटे नितिन की भी मौत हो गई। इसके अलावा, परिवार की छोटी बहू 23 वर्षीय माधुरी और उसके दो छोटे बच्चों ने भी इस हादसे में दम तोड़ दिया। मृत बच्चों में दो साल का माधव और चार महीने का अद्विक शामिल है।


जर्जर मकानों का खतरा

इस घटना ने बारिश के मौसम में कमजोर और पुराने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश से पुराने भवनों की दीवारों और छतों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को जर्जर मकानों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है।


प्रतापगढ़ की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से परिजनों और आस-पास के लोगों में गहरा दुख है।