प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना की, योगी आदित्यनाथ ने जताया आभार
लखनऊ में पौधरोपण की अद्भुत उपलब्धि
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में उत्तर प्रदेश में आयोजित 'एक पेड़ मां के नाम' पौधरोपण अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने को जन-शक्ति का अद्भुत संकल्प बताया। यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का विषय है, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के सांसद हैं। इस सराहना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का ऐतिहासिक कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में जन-भागीदारी की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाना राज्य के लोगों की पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी चेतना को दर्शाता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों को प्रकृति से जोड़ें और अपनी मां के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ हवा और एक सुंदर भविष्य की अमूल्य विरासत बनेगा।
Noteworthy efforts in Gujarat and Uttar Pradesh showcase the importance we attach to nature. #MannKiBaat pic.twitter.com/xjr7HPhh0S
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
गिर के जंगलों का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने वृक्षों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पेड़ न केवल मनुष्यों के लिए, बल्कि अनगिनत जीवों और पक्षियों के लिए भी प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं। उन्होंने गुजरात के गिर जंगलों का उदाहरण देते हुए बताया कि निरंतर संरक्षण प्रयासों के कारण 'इंडियन ग्रे हॉर्नबिल' पक्षी लगभग 60 वर्षों के बाद गिर में वापस आ गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'मन की बात' में उत्तर प्रदेश के प्रयासों की प्रशंसा करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर उनका धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री का यह उल्लेख प्रदेश की जनता की सामूहिक चेतना और ऐतिहासिक सफलता का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि प्रकृति के प्रति संवेदनशील समाज ही 'विकसित भारत' की सबसे मजबूत आधारशिला रख सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य प्रकृति संरक्षण, जनभागीदारी और हरित विकास के इस राष्ट्रीय संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा देता रहेगा।
