फिरोजाबाद में गर्भवती महिला की मौत पर पुलिसकर्मियों का निलंबन
उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक थाने में हुई घटना के बाद 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने एक गर्भवती महिला को धक्का दिया और उसके साथ बदसलूकी की। रिपोर्ट के अनुसार, महिला और उसके पति को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और प्रसव के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन थाने में धरने पर बैठ गए, जिसके परिणामस्वरूप एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
घटना का विवरण
यह मामला फिरोजाबाद के लाभोआ गांव का है। आरोप है कि पुलिस ने चोरी के संदेह में दो युवकों को हिरासत में लिया था। इनमें से एक युवक की गर्भवती पत्नी अंजलि थाने पहुंची थी। परिवार का कहना है कि अंजलि केवल यह जानना चाहती थी कि उसके पति को क्यों हिरासत में लिया गया है। इसी दौरान उसके साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई।
स्थानीय हंगामा
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, पूरे इलाके में हंगामा मच गया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिला के पति को चोरी के संदेह में हिरासत में लिया और इसी दौरान महिला की तबीयत बिगड़ गई। एसएसपी आदित्य लांगे ने इस मामले में दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
सांसद का धरना
घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन 15 सितंबर को फिरोजाबाद पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। इसके बाद, सांसद ने एडीजी आगरा जोन से फोन पर बात की और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद, सांसद रामजीलाल शिकोहाबाद थाने पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। अंततः पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
