फ्यूचर रिटेल पर सीबीआई का शिकंजा: 904.32 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला
सीबीआई की कार्रवाई से फ्यूचर रिटेल पर संकट
नई दिल्ली: देश के प्रमुख खुदरा व्यवसाय फ्यूचर रिटेल लिमिटेड पर 904.32 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कार्रवाई तेज कर दी है। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा की गई शिकायत के आधार पर कंपनी, उसके प्रवर्तकों और निदेशकों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में कंपनी के प्रमुख किशोर बियानी और राकेश बियानी का नाम भी शामिल है।
बैंक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप
सीबीआई के अनुसार, मुंबई स्थित भारतीय स्टेट बैंक की तनावग्रस्त परिसंपत्ति प्रबंधन शाखा-3 की शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि फ्यूचर रिटेल ने कार्यशील पूंजी, सावधि ऋण और ऋण पत्र के माध्यम से एसबीआई सहित नौ बैंकों से वित्तीय सहायता प्राप्त की थी। आरोप है कि कंपनी ने ऋण की राशि को निर्धारित उद्देश्यों पर खर्च करने के बजाय अन्य कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से स्थानांतरित कर दिया, जिससे बैंक को 904.32 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ।
कंपनी के प्रमुख खुदरा ब्रांड
फ्यूचर रिटेल ने बिग बाजार, फैशन एट बिग बाजार और फूडहॉल जैसे प्रमुख खुदरा ब्रांडों के माध्यम से कारोबार किया। कंपनी का खाद्य, दैनिक उपभोग और फैशन उत्पादों के व्यापार में एक बड़ा नेटवर्क था।
सीबीआई की छापेमारी की कार्रवाई
सीबीआई ने 4 नवंबर 2026 को मामला दर्ज करने के बाद 6 नवंबर को मुंबई में प्रवर्तकों और निदेशकों से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी अब कथित साजिश की सभी कड़ियों को जोड़ने, सरकारी और निजी व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने और ऋण की राशि के खर्च का पता लगाने में जुटी है।
