बचपन के दोस्तों का मिलन: रतिया में यादों की महफिल सजाई गई
हरियाणा में पुराने दोस्तों की भावुक मुलाकात
हरियाणा: स्कूल के दिनों में साथ पढ़ने और खेलकर बचपन की यादें संजोने वाले दोस्तों का मिलन एक भावुक और यादगार पल बन गया। रतिया के राम पार्क में आयोजित इस विशेष समारोह में, पुराने मित्रों ने एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में आपसी संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया। 1990 से पहले रतिया में पढ़ाई पूरी करने के बाद, व्यवसाय के कारण दिल्ली और एन.सी.आर. में बसने वाले अनिल झंडई, प्रमोद ठक्कर और राजेश ठक्कर ने इस मिलन का आयोजन किया। उन्होंने सभी दोस्तों को फोन करके एकत्रित होने का संदेश दिया और राम पार्क में समारोह का आयोजन किया।
धर्मेंद्र गोस्वामी ने किया कार्यक्रम का संचालन
इस कार्यक्रम का संचालन अंतर्राष्ट्रीय अनाऊंसर धर्मेंद्र गोस्वामी ने किया, जिन्होंने सभी उपस्थित दोस्तों का परिचय दिया और इस मिलन को यादगार बनाया। दिल्ली से आए अनिल झंडई ने अपने मजेदार चुटकुलों और बचपन की कहानियों के जरिए माहौल को खुशनुमा बना दिया। उनके अनुभवों ने सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान, हैप्पी मॉडल स्कूल के दिवंगत मुख्याध्यापक अमीर चंद बजाज को भी याद किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार दिए।
बचपन की यादों से गूंजता रहा समारोह
अनिल झंडई ने नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि कालू खन्ना के विद्यार्थी जीवन से जुड़े किस्से भी मजेदार अंदाज में सुनाए। प्रमोद ठक्कर ने रतिया की पुरानी गलियों और बचपन की यादों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यासागर बाघला ने ओम के उच्चारण को मोमोज के स्वाद से जोड़कर ऐसा मजेदार अंदाज पेश किया कि पूरा माहौल ठहाकों से गूंज उठा।
हर तीन महीने में मिलन समारोह का निर्णय
इस अवसर पर सभी दोस्तों ने महसूस किया कि समय की व्यस्तताओं के कारण जो दूरी बनी थी, उसे खत्म करने की आवश्यकता है। सभी ने तय किया कि हर तीन महीने में रतिया में इसी तरह का मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। एन.सी.आर. और अन्य स्थानों पर बसे पुराने दोस्तों को भी इस आयोजन की सूचना दी जाएगी। सभी ने कहा कि बचपन के दोस्तों के साथ समय बिताना विशेष आनंद देता है और ऐसे मिलन न केवल पुरानी यादों को ताजा करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी प्रेम और भाईचारे की भावना से जोड़ते हैं।
मिलन समारोह में शामिल हुए कई पुराने साथी
इस समारोह में हरबंस मेहता, जुगल किशोर, कालू खन्ना, धर्मेंद्र गोस्वामी, कृष्ण तनेजा, नरेंद्र बजाज, पप्पू मेहता, भुवनेश झंडई, सतीश चोपड़ा, स्वर्ण सिंह शम्मी, श्याम तनेजा, राज कुमार, राजू मेहता, रमेश कुमार, शिव वधवा, दिनेश तनेजा, नवीन चोपड़ा, अश्वनी गिरधर सहित कई पुराने साथी उपस्थित थे।
