ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा: दिल्ली में कड़े इंतजाम और सतर्कता
नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था का अभूतपूर्व स्तर
नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को लेकर राजधानी में सुरक्षा के इंतजाम को अभूतपूर्व तरीके से मजबूत किया गया है। इस सम्मेलन में कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी होने वाली है, जिसके चलते दिल्ली को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। लगभग 16 अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भी इसमें भागीदारी होगी, जिससे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
हवाई अड्डे से होटल तक सुरक्षा का कड़ा घेरा
सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशी मेहमानों के आगमन से लेकर उनके ठहरने और सम्मेलन स्थल तक पहुंचने के मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना है। हवाई अड्डे और होटलों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन में रूस, चीन और मिस्र जैसे देशों की भागीदारी के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं करना चाहतीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, खुफिया ब्यूरो और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के बीच समन्वय लगातार जारी है।
15 हजार पुलिसकर्मी दिल्ली की सुरक्षा में तैनात
सम्मेलन के दौरान दिल्ली में लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों की करीब 200 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगी। सम्मेलन स्थल, होटल, प्रमुख मार्ग, सीमावर्ती इलाके और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का कड़ा घेरा रहेगा।
भारत मंडपम में आपात स्थिति की तैयारी
भारत मंडपम में सम्मेलन के मुख्य आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आपात स्थिति से निपटने की तैयारी भी की गई है। किसी भी आपात परिस्थिति में लोगों और प्रतिनिधियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निकासी योजना तैयार की गई है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं।
ड्रोन और हवाई खतरों पर पैनी नजर
सम्मेलन के दौरान आसमान से आने वाले किसी भी संभावित खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहेंगी। ड्रोन और अन्य हवाई वस्तुओं के संबंध में विशेष परामर्श जारी किया गया है। किसी भी संदिग्ध ड्रोन या हवाई गतिविधि का तत्काल मुकाबला करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयार रहेंगी।
सीसीटीवी निगरानी का व्यापक नेटवर्क
सम्मेलन से जुड़े प्रमुख स्थानों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है। मौजूदा कैमरों के अलावा अतिरिक्त कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई गई
दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा समन्वय को मजबूत किया गया है। विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें आयोजित की गई हैं। संदिग्ध वाहनों, ड्रोन गतिविधियों और अन्य सुरक्षा संबंधी इनपुट पर राज्यों के बीच तत्काल सूचना साझा करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
वीआईपी मूवमेंट के दौरान जनता से विशेष ध्यान
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों और वीआईपी प्रतिनिधिमंडलों के आवागमन के समय कुछ मार्गों पर यातायात को थोड़े समय के लिए नियंत्रित या परिवर्तित किया जा सकता है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे यातायात पुलिस की ओर से जारी सलाह और प्रतिबंधों का पालन करें तथा वीआईपी आवाजाही वाले निर्धारित मार्गों से अनावश्यक यात्रा से बचें। सुरक्षा एजेंसियों का संदेश स्पष्ट है कि ब्रिक्स मेहमानों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा और सम्मेलन के दौरान दिल्ली में अधिकतम सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
