भविष्य के भारत के लिए नशामुक्त युवा और महिला नेतृत्व की आवश्यकता: नितिन नवीन
महिला नेतृत्व और आध्यात्मिकता का संगम
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राजस्थान में ब्रह्माकुमारी संस्था के वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए आध्यात्मिकता, महिला नेतृत्व और युवाओं को नशे से दूर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये पहलें भारत के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, राजयोग और विश्व बंधुत्व को मानवता की भलाई के लिए आवश्यक बताया। उनका मानना है कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेगा।
ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 वर्षों की यात्रा
नितिन नवीन ने ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 वर्षों की यात्रा को भारतीय आध्यात्मिकता और विश्व शांति का प्रतीक बताया। उन्होंने संस्था के संस्थापक ब्रह्मा बाबा और समर्पित दादीजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1936 में शुरू हुआ यह मिशन अब 140 से अधिक देशों में फैला हुआ है और पांच हजार से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शांति और सकारात्मकता का संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि 'ओम शांति' केवल एक शब्द नहीं, बल्कि यह मन को शक्ति देने और विश्व कल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश है।
महिलाओं का नेतृत्व: बदलाव की नई दिशा
भाजपा अध्यक्ष ने ब्रह्माकुमारी संस्था के महिला नेतृत्व पर विशेष ध्यान दिया, यह बताते हुए कि दीदियां सेवा और अनुशासन के माध्यम से समाज को नई दिशा दे रही हैं। यह नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला नेतृत्व वाले विकास' के विचार को साकार करने में मदद कर रहा है। उन्होंने भारतीय परंपरा की विदुषियों जैसे गार्गी और लोपामुद्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की महिलाएं उसी गौरवमयी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।
नशामुक्त भारत का सपना
नितिन नवीन ने युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की और इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने वाला युवा न केवल अपना भविष्य सुरक्षित करता है, बल्कि राष्ट्र की शक्ति को भी बचाता है। 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
सेवा का महत्व
उन्होंने कहा कि अहंकार को छोड़कर सामूहिकता अपनाना समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का रास्ता है। सेवा केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन का हिस्सा बननी चाहिए। मूल्य शिक्षा, रक्तदान, वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण जैसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, राजयोगिनी मोहिनी दीदी, राजयोगी डॉ. बी.के. मृत्युंजय और राजयोगिनी बी.के. शुक्ला दीदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
