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भिवंडी में चार मंजिला इमारत का ढहना: बचाव कार्य जारी, सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल

महाराष्ट्र के भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत के ढहने से एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि 8 से 10 लोग मलबे में फंसे हुए हैं। NDRF ने एक महिला को सुरक्षित निकाला है। इस घटना ने सुरक्षा नियमों और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी और बचाव कार्य की ताजा जानकारी।
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भिवंडी में भयानक हादसा


मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र से एक दुखद घटना की सूचना मिली है। नारपोली में भंडारी कंपाउंड के गंगाराम वाडी में स्थित एक चार मंजिला जर्जर 'कोहिनूर इमारत' का एक हिस्सा अचानक गिर गया। इस गंभीर दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, जबकि 8 से 10 लोग मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, भिवंडी फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और NDRF की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं।


महिला को सुरक्षित निकाला गया

महिला को सुरक्षित निकाला गया


NDRF की टीम ने राहत और बचाव कार्य में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जब उन्होंने मलबे में फंसी एक महिला को जिंदा और सुरक्षित बाहर निकाला। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और घटनास्थल पर भीड़ न लगाने की अपील की है, ताकि बचाव दल को काम करने में कोई रुकावट न आए।


सुरक्षा नियमों पर उठे गंभीर सवाल

सुरक्षा नियमों पर उठे गंभीर सवाल


इस दुखद घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम ने इमारत को खतरनाक घोषित कर खाली कराने के बावजूद, इसके अंदर निर्माण कार्य की अनुमति किसने दी? चार आधिकारिक नोटिस जारी होने के बाद भी परिसर को पूरी तरह सील क्यों नहीं किया गया? चेतावनी के बावजूद खतरनाक घोषित ढांचे में मजदूरों को काम पर लगाने वाले ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?


इमारत की श्रेणी और स्थिति

'सी-कैटेगरी' घोषित थी इमारत


यह हादसा नारपोली के भंडारी कंपाउंड में 'कोहिनूर इमारत' में हुआ। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने पहले ही इस इमारत को 'C-Category' श्रेणी में रखा था। नगर निगम ने इस संबंध में चार बार आधिकारिक सुरक्षा नोटिस जारी किए थे। नोटिस के बाद अधिकांश निवासियों ने इमारत खाली कर दी थी, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का कार्य जारी था। अनुमान है कि हादसे के समय लगभग 6 से 7 मजदूर और कुछ अन्य लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।