मथुरा में जन्माष्टमी पर सुरक्षा व्यवस्था: लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां पूरी
मथुरा में जन्माष्टमी की तैयारियां
मथुरा: चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में लाखों भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की योजना बना ली है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए आगरा जोन के आठ से अधिक जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल मथुरा भेजा जाएगा। शहर और प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए लगभग चार हजार पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान तैनात किए जाएंगे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा में देशभर से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शहर में 129 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 24 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जा रही है। बाहर से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा, और श्रद्धालुओं को पैदल श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर भेजा जाएगा, ताकि शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम किया जा सके।
पुलिस बल की तैनाती
सात जिलों से पहुंचेगा पुलिस बल
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मथुरा के अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस से भी पुलिस बल बुलाया गया है। इसके अतिरिक्त, अन्य जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती प्रमुख चौराहों, प्रवेश मार्गों, पार्किंग स्थलों, मंदिर क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर की जाएगी।
तीन स्तरों में सुरक्षा व्यवस्था
तीन स्तरों में पहले से सुरक्षा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद की सुरक्षा पहले से ही तीन स्तरों में की गई है। पूरे सुरक्षा क्षेत्र को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा गया है। रेड जोन में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद का मुख्य क्षेत्र शामिल है। येलो जोन में दोनों प्रमुख स्थलों के आसपास का बाहरी क्षेत्र तथा ग्रीन जोन में उससे बाहर का क्षेत्र रखा गया है।
भीड़ प्रबंधन पर ध्यान
भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
पुलिस की योजना में भीड़ प्रबंधन को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें प्रमुख मार्गों पर तैनात रहेंगी। पार्किंग स्थलों से मंदिर क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
जन्माष्टमी की रात श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस बल को अलग-अलग सेक्टरों में तैनात कर प्रत्येक क्षेत्र की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी।
