मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने उठाए बड़े कदम
मथुरा में जन्मोत्सव की तैयारी
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 4 सितंबर की रात को होने वाले 5253वें जन्मोत्सव के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दे दिया है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उसके आस-पास के क्षेत्र को 8 जोन और 35 सेक्टरों में बांटा गया है। हर जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण और दिशा-निर्देश
मंगलवार को एडीजी आगरा एसके भगत, डीआईजी शैलेश पांडे और एसएसपी श्लोक कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
वन-वे मार्ग व्यवस्था
वन-वे मार्ग व्यवस्था और पीएसी-आरएएफ की तैनाती
एडीजी आगरा एसके भगत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए हर साल की तरह इस बार भी वन-वे मार्ग व्यवस्था लागू की जाएगी। सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ पीएसी और आरएएफ की कंपनियां तैनात की गई हैं।
सुरक्षा और निगरानी
उन्होंने कहा कि जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मथुरा आने की संभावना है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना पुलिस की प्राथमिकता होगी।
जोन-सेक्टर में जिम्मेदारियां
जोन-सेक्टर में जिम्मेदारियां और बढ़ी निगरानी
जन्मभूमि क्षेत्र को जोन और सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही, प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है।
यातायात नियंत्रण
यातायात नियंत्रण और डायवर्जन व्यवस्था
जन्मोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात को सुचारु बनाए रखना भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण और डायवर्जन व्यवस्था के तहत वाहनों का संचालन किया जाएगा। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। जन्मोत्सव के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह तैयार है।
