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मध्य प्रदेश ATS ने कट्टरपंथी मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, मदरसा संचालक गिरफ्तार

मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने एक बड़े कट्टरपंथी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें मदरसा संचालक इजहार उल हक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक चार लोग पकड़े जा चुके हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी एक ऑनलाइन ग्रुप के सदस्य थे, जिसे पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। ATS अब इजहार से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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मध्य प्रदेश ATS ने कट्टरपंथी मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, मदरसा संचालक गिरफ्तार

भोपाल में बड़ा आतंकवाद निरोधक अभियान


भोपाल: मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (MP ATS) ने एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कट्टरपंथी नेटवर्क का खुलासा किया है। सोमवार को, ATS ने बिहार के मधुबनी जिले से 56 वर्षीय मदरसा संचालक इजहार उल हक को गिरफ्तार किया, जो इस मॉड्यूल का सबसे पुराना सदस्य माना जा रहा है। इस मामले में अब तक चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया जा चुका है।


इजहार उल हक को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया

इजहार उल हक को मधुबनी की अदालत में पेश किया गया, जहां से ATS ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश लाने का आदेश प्राप्त किया। बुधवार को उसे भोपाल लाने की संभावना है। अधिकारी उसकी भूमिका को स्पष्ट करने के लिए पूछताछ का इंतजार कर रहे हैं। यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि वह इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना है या नहीं।


तीन राज्यों में पहले की गई थीं गिरफ्तारियां

इस मॉड्यूल से संबंधित तीन अन्य गिरफ्तारियां पिछले शुक्रवार को की गई थीं। MP ATS ने भोपाल के काजी कैंप से 35 वर्षीय मोहम्मद फराज को पकड़ा, जो एक प्राइवेट होम्योपैथी क्लिनिक में कार्यरत था। उसी दिन, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता से 38 वर्षीय नईम अब्दुल्ला कुरैशी और राजस्थान के अलवर जिले से 34 वर्षीय मोहम्मद शाकिर को भी गिरफ्तार किया गया।


पाकिस्तान से संचालित हो रहा था ऑनलाइन नेटवर्क

जांच में यह सामने आया कि सभी आरोपी एक बंद ऑनलाइन समूह के सदस्य थे, जिसे पाकिस्तान में स्थित एक हैंडलर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से नियंत्रित कर रहा था। केंद्रीय एजेंसियों की सूचना पर यह मामला उजागर हुआ। नईम अब्दुल्ला कुरैशी ने लगभग दो साल पहले मोहम्मद फराज को इस ऑनलाइन समूह से जोड़ा था, दोनों ने सहारनपुर के देवबंद में एक मदरसे में साथ पढ़ाई की थी।


जांच जारी, हिरासत में पूछताछ का सिलसिला

कोर्ट ने फराज और कुरैशी को 16 जून तक ATS की हिरासत में भेज दिया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक हिरासत में रखने की अनुमति दी गई है। ATS अब इजहार उल हक से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। यह कार्रवाई कट्टरपंथी विचारों के प्रसार और युवाओं की ऑनलाइन भर्ती को रोकने के लिए MP ATS की सतर्कता को दर्शाती है।