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महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम: पंजाब सरकार ने तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने की योजना की घोषणा की

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं के खातों में तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने की योजना की घोषणा की है। अरविंद केजरीवाल ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम बताया। योजना के तहत सामान्य महिलाओं को 3,000 रुपये और दलित महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे। जानें इस ऐतिहासिक पहल के बारे में और कैसे यह महिलाओं के जीवन में बदलाव लाएगी।
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महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम: पंजाब सरकार ने तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने की योजना की घोषणा की

अरविंद केजरीवाल का स्वागत


चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा महिलाओं के खातों में तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इस कदम को सराहते हुए पंजाब की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को बधाई दी। केजरीवाल ने कहा कि यह योजना, जिसमें सामान्य महिलाओं को 1,000 रुपये और दलित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। यह राशि 1 जुलाई को सभी पात्र महिलाओं के खातों में एक साथ डाली जाएगी।


एक्स पर केजरीवाल का बयान

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 1 जुलाई को महिलाओं के खातों में तीन महीने की राशि एक साथ आएगी। सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे। यदि एक परिवार में एक से अधिक महिलाएं हैं, तो सभी को यह राशि मिलेगी। यह कार्यक्रम पूरी दुनिया में महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है।


मुख्यमंत्री भगवंत मान का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फतेहगढ़ साहिब में लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान इस योजना की घोषणा की थी। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि क्या उन्हें हर महीने पैसे चाहिए या तीन महीने का पैसा एक साथ चाहिए। महिलाओं ने एक साथ पैसे देने की मांग की, जिसे मान ने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और दलित महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे।


महिलाओं की जरूरतों का ध्यान

भगवंत मान ने यह भी कहा कि 1,000 रुपये मिलने से महिलाएं अमीर नहीं बनेंगी, बल्कि यह राशि उनके छोटे-मोटे खर्चों और रीति-रिवाजों के लिए होगी। यह पैसे उनके परिवार के सदस्यों के लिए उपहार खरीदने या जरूरत के समय काम आएंगे। यह पूरी तरह से माताओं और बहनों के सम्मान की बात है। हर व्यक्ति अपने घर में राजा होता है, लेकिन कई बार आर्थिक स्थिति के कारण सम्मान की कमी रह जाती है, जिसे सरकार को पूरा करना चाहिए।