मानसून में स्वास्थ्य संकट: मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली राहत
मानसून की पहली बारिश और स्वास्थ्य चुनौतियाँ
चंडीगढ़: मानसून की शुरुआत जहां गर्मी से राहत लाती है, वहीं यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी आगाज़ करती है। हर साल, भारत के अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया और अन्य बुखार से संबंधित बीमारियों के मामलों में वृद्धि होती है, और इस वर्ष भी यही स्थिति देखी जा रही है।
लाभार्थी का अनुभव
अमृतसर की 32 वर्षीय बलविंदर कौर, जो मुख्यमंत्री सेहत योजना की लाभार्थी हैं, ने साझा किया, “मैंने हाल ही में इस योजना के तहत 8400 रुपये का इलाज करवाया। मुझे तेज़ बुख़ार के कारण अस्पताल ले जाया गया था।”
उन्होंने कहा, “अस्पताल के स्टाफ़ ने मुझे योजना में रजिस्ट्रेशन में मदद की। मैं कपड़े सिलकर अपना गुज़ारा करती हूँ, और इस योजना ने मुझे समय पर इलाज और आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे मैं अपनी सेहत पर ध्यान केंद्रित कर सकी। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त करती हूँ।”
डेंगू की चुनौती पर शोध
2025 में एक अध्ययन में यह पाया गया कि मानसून के दौरान भर्ती मरीजों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस का सबसे सामान्य कारण डेंगू था। यह दर्शाता है कि समय पर जांच और इलाज अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि मानसून से जुड़ी कई बीमारियों के लक्षण समान होते हैं।
डॉक्टरों की सलाह और मुख्यमंत्री सेहत योजना
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे लगातार रहने वाले बुख़ार को नज़रअंदाज़ न करें। पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) योग्य परिवारों को कैशलेस इलाज उपलब्ध करवा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी और अस्पतालों की तैयारी को मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से सामान्य रोकथाम उपाय अपनाने की अपील की है, जैसे कि पानी जमा न होने देना और बुख़ार के लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेना।
विशेषज्ञ की सलाह
डॉ. राज कुमार, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, ने कहा कि मरीज अक्सर बुख़ार को सामान्य वायरल संक्रमण समझ लेते हैं। उन्होंने बताया कि मानसून में मलेरिया, टाइफाइड, और अन्य बीमारियाँ भी आम हैं। समय पर जांच और इलाज से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के आंकड़े
स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 6 जुलाई 2026 तक, एक्यूट फेब्राइल इलनेस इस योजना के तहत इलाज की जाने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक रही है।
मरीजों का इलाज विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया है, और बुख़ार से संबंधित बीमारियों के इलाज के पैकेज 2100 रुपये से 8400 रुपये तक हैं।
मानसून में सावधानियाँ
डॉ. राज कुमार ने सलाह दी कि लोग दो दिन से अधिक रहने वाले बुख़ार को नज़रअंदाज़ न करें। उन्होंने मच्छर रिपेलेंट का उपयोग करने और साफ-सफाई रखने की भी सलाह दी।
