मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकाला, राजनीतिक बदलाव की नई लहर
बसपा में बड़ा बदलाव
नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला है। पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पूरी तरह से पार्टी से बाहर कर दिया है। इससे पहले, 3 सितंबर 2026 को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया गया था। अब उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है। यह कदम तब उठाया गया जब आकाश के ससुर, पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की।
मायावती की नाराजगी
मायावती ने इस फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि अशोक सिद्धार्थ ने समय पर यह निर्णय लिया होता, तो आकाश आनंद को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ का राजनीति छोड़ने का निर्णय काफी देर से आया। यदि उन्होंने पहले ही राजनीति से दूरी बना ली होती, तो बसपा और आकाश आनंद को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। मायावती ने इस घटनाक्रम को पार्टी और आंदोलन के लिए हानिकारक बताया।
आकाश आनंद के व्यवहार पर सवाल
मायावती ने आकाश आनंद के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आकाश पहले उनके पूर्व पोस्ट को बार-बार साझा करते थे, लेकिन अशोक सिद्धार्थ से संबंधित पोस्ट को साझा नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि आकाश पार्टी से ज्यादा अपने पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे थे।
1. आज श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा अति-देर से उठाया गया यह सही क़दम है।
— Mayawati (@Mayawati) September 10, 2026
2. वैसे लोगों का यही कहना है कि अगर यह फैसला वे काफी पहले ही ले लेते तो बी.एस.पी., बहुजन समाज व बहुजन मूवमेन्ट तथा उनके दामाद श्री आकाश आनन्द को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों…
डबल माइंड पर टिप्पणी
मायावती ने कहा कि जो व्यक्ति 'डबल माइंड' होकर काम करेगा, वह बसपा के हित में कैसे कार्य कर सकता है। उन्होंने सिद्धार्थ की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और बहुजन आंदोलन की चिंता होती, तो वह पहले ही राजनीति से अलग हो जाते। हालांकि, उन्होंने सिद्धार्थ की निजी महत्वाकांक्षाओं पर भी सवाल उठाए।
2027 चुनाव की तैयारी
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद, मायावती ने कार्यकर्ताओं का ध्यान आगामी चुनावों की ओर खींचा। उन्होंने बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से विरोधियों की राजनीतिक रणनीतियों का मजबूती से सामना करने की अपील की। मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य रखा।
