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मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्र से अपील: धान की आवक से पहले अनाज का स्टॉक खाली करें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि धान की आवक से पहले राज्य से अनाज का स्टॉक तुरंत खाली किया जाए। उन्होंने 10 अक्टूबर तक 6 लाख मीट्रिक टन चावल और 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग की मांग की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भंडारण की कमी के कारण किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
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चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री की अपील


चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि धान की आवक शुरू होने से पहले राज्य से अनाज का स्टॉक तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों को किसी भी समस्या से बचाने के लिए भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करना आवश्यक है।


तत्काल लिफ्टिंग की मांग

6 लाख टन चावल और 15 लाख टन गेहूं की लिफ्टिंग की आवश्यकता


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर 10 अक्टूबर तक 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर में 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तत्काल लिफ्टिंग की मांग की है। उन्होंने बताया कि लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक राइस मिलों और मंडियों में भरा हुआ है, जिसमें से लगभग 17 लाख मीट्रिक टन अभी भी वहीं पड़ा हुआ है।


सितंबर में अधूरी लिफ्टिंग

सितंबर में लिफ्टिंग की कमी का जिक्र


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को याद दिलाया कि पंजाब ने सितंबर 2026 में खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के चावल की डिलीवरी पूरी करने और अगले सीजन से पहले गेहूं को खाली करने के लिए 15 लाख मीट्रिक टन चावल और 10 से 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाने का अनुरोध किया था। हालांकि, सितंबर में केवल 8.3 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.3 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही लिफ्ट किया गया है।


एफसीआई द्वारा अधूरी डिलीवरी

चावल की डिलीवरी में कमी


मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास भंडारण की कमी के कारण खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के लिए निर्धारित 105.64 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले केवल 99.50 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस ही डिलीवर किया गया है। लगभग 6 लाख मीट्रिक टन चावल अभी भी डिलीवर होना बाकी है।


खरीफ सीजन से पहले स्टॉक खाली करना आवश्यक

खरीफ मंडीकरण सीजन की शुरुआत


मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ मंडीकरण सीजन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है और धान की आवक 10 अक्टूबर 2026 के आसपास चरम पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लंबित धान के स्टॉक को खाली करना और एफसीआई द्वारा सभी लंबित चावल की डिलीवरी को तुरंत पूरा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।


मिलिंग में देरी से बेचैनी

शेलर मालिकों की चिंता


मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलिंग में हो रही देरी के कारण शेलर मालिकों में बेचैनी है। यदि चावल की डिलीवरी मध्य अक्टूबर के बाद तक लंबित रहती है, तो राइस मिलर धान के भंडारण और मिलिंग के लिए आगे नहीं आएंगे, जिससे किसानों में भी चिंता बढ़ सकती है।


गेहूं के भंडारण की कमी

गेहूं के भंडारण की समस्या


मुख्यमंत्री ने गेहूं के भंडारण के लिए जगह की कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं इस शर्त पर रखा गया था कि इसे सितंबर या मध्य अक्टूबर 2026 तक उठाया जाएगा।


कानून-व्यवस्था की स्थिति का खतरा

कानून-व्यवस्था की चिंता


मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि गेहूं की लिफ्टिंग नहीं की गई, तो यह किसानों के लिए समस्याएं पैदा कर सकती है और केएमएस 2026-27 के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न कर सकती है।


केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील

केंद्रीय मंत्री से अपील


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और एफसीआई के अधिकारियों को 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच पंजाब से 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर 2026 में 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।