मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का श्रीकृष्ण जन्मस्थान दौरा: आस्था और विरासत का संदेश
मुख्यमंत्री का श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आगमन
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान का दौरा किया। मथुरा में दो दिन के दौरे के दूसरे दिन, उन्होंने सुबह 9:55 बजे गर्भगृह में जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने काफी समय तक गर्भगृह में भगवान के विग्रह को निहारते रहे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद, उन्होंने योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में विधिपूर्वक दर्शन-पूजन किया।
श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं
मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रजभूमि ने कई प्रकार की चुनौतियों का सामना किया है। यहां अनेकों आक्रमण हुए हैं, लेकिन सनातन आस्था को मिटाने का प्रयास करने वाले स्वयं मिट गए हैं।
श्रीकृष्ण का संदेश
श्रीकृष्ण के संदेश आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि न केवल ब्रजभूमि, बल्कि पूरे भारत में श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5200 वर्ष पूर्व दिए गए संदेश आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। जहां सज्जन शक्ति होगी, वहां उसका संरक्षण होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब राष्ट्र और समाज विरोधी शक्तियां विद्वेष फैलाने का प्रयास करेंगी, तो भगवान श्रीकृष्ण ने पहले ही इसके परिणाम बता दिए हैं। आस्था मनुष्य को सकारात्मक दिशा में ले जाती है, जबकि अनास्था नकारात्मकता की ओर।
आस्था और विरासत पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
बाबर-औरंगजेब के अनुयायियों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी विरासत और विकास के समन्वय को देख रहा है। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में है, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर सकते हैं?
डबल इंजन की सरकार का आश्वासन
'डबल इंजन की सरकार मंसूबों पर फेरेगी पानी'
सीएम योगी ने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी समाज में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन डबल इंजन की सरकार उनके सभी मंसूबों को विफल कर देगी।
गो-पूजन का आयोजन
जन्मभूमि पर किया गो-पूजन
दर्शन-पूजन के बाद, मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गो-पूजन भी किया और गोवंश को गुड़ और चारा खिलाया। जन्माष्टमी के अवसर पर उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
