मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अनोखा दौरा: छात्रों की समस्याओं का सीधा समाधान
मुखर्जी नगर में मुख्यमंत्री का अनौपचारिक दौरा
नई दिल्ली: राजधानी के शैक्षणिक क्षेत्र मुखर्जी नगर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अलग ही अंदाज में छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान न तो कोई औपचारिक मंच था और न ही भाषणों की लंबी कतार। मुख्यमंत्री ने सीधे विद्यार्थियों के बीच जाकर चाय की दुकान पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस आकस्मिक निरीक्षण में मुफ्त लाइब्रेरी, महंगे पीजी, महिला सुरक्षा, गंदगी, पेयजल और अग्नि सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुफ्त लाइब्रेरी की आवश्यकता
छात्रों ने बताया कि महंगी लाइब्रेरी और उनके अनियमित संचालन के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने खाली भूखंडों और सामुदायिक भवनों में निःशुल्क लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए स्थान खोजने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पीजी के उच्च किराए और जमानत राशि पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्राओं की सुरक्षा पर ध्यान
देर शाम सड़कों पर कम रोशनी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर छात्राओं ने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी व्यवस्था की समीक्षा कराने के निर्देश दिए और नियमों के विरुद्ध गहरे रंग की फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, लंबे समय से बंद सार्वजनिक शौचालय को पिंक टॉयलेट के रूप में विकसित कर चालू करने पर भी जोर दिया गया।
सफाई और अग्नि सुरक्षा पर कार्रवाई
मुखर्जी नगर और नेहरू विहार की गलियों में गंदगी और दुर्गंध की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पेयजल में सीवर का पानी मिलने की आशंका पर जांच और पानी की गुणवत्ता की समीक्षा के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, रात में तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर से पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत पर नियमों के पालन पर जोर दिया गया। कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अग्नि सुरक्षा के लिए सुरक्षित निकास मार्ग और भवनों की उपयुक्तता की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।
युवाओं के सपनों को सुरक्षित करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से दिल्ली आकर पढ़ाई करने वाले युवा राजधानी के परिवार का हिस्सा हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे ये युवा भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर और विशेषज्ञ बनकर विकसित भारत की नींव मजबूत करेंगे। सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के अनुकूल माहौल मिले।
