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यातायात पुलिसकर्मियों के लिए राहत की नई पहल: अशोक विहार में खोले गए बूथ

नई दिल्ली के अशोक विहार में यातायात पुलिसकर्मियों के लिए दो नए बूथों का उद्घाटन किया गया है। यह पहल उन्हें ड्यूटी के दौरान राहत प्रदान करेगी, जिससे उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा। उद्घाटन समारोह में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने इस व्यवस्था की आवश्यकता और महत्व पर चर्चा की। यह कदम न केवल पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को ध्यान में रखता है, बल्कि यातायात व्यवस्था की मजबूती के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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नई दिल्ली में यातायात पुलिस के लिए विशेष बूथ


नई दिल्ली: यातायात पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए अशोक विहार यातायात सर्कल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब उन्हें ड्यूटी के दौरान राहत पाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। 23 अक्टूबर को मधुबन चौक और हैदरपुर मोड़ पर दो नए यातायात पुलिस बूथों का उद्घाटन किया गया। इस उद्घाटन समारोह में यातायात पुलिस के संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी ने भाग लिया।


बूथों का उद्घाटन और उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर यातायात के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयंता आर्य, उत्तरी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त डॉ. सचिन कुमार सिंघल, और उत्तर-पश्चिम जिला यातायात के सहायक पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।


सुरक्षा और आराम का नया ठिकाना

सड़क पर घंटों तक खड़े रहकर यातायात को नियंत्रित करना आसान नहीं है। चिलचिलाती धूप, कड़ाके की सर्दी और बारिश में भी यातायात पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ये नए बूथ उनके लिए राहत का स्थान बनेंगे, जहां वे बैठकर आराम कर सकते हैं और ड्यूटी से जुड़ी आवश्यक गतिविधियों को पूरा कर सकते हैं। यह व्यवस्था उनके कार्य की परिस्थितियों को बेहतर बनाने में सहायक होगी।


पुलिस अधिकारियों की भूमिका

इस योजना को लागू करने में पुलिस उपायुक्त डॉ. सचिन कुमार सिंघल और अशोक विहार यातायात सर्कल के निरीक्षक कमल कोहली का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह व्यवस्था पुलिस बल के कल्याण के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।


अन्य सर्कलों में भी होगी पहल का विस्तार

उद्घाटन के दौरान संजय त्यागी ने कहा कि यातायात पुलिसकर्मियों के लिए बैठने और राहत की व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने अन्य यातायात निरीक्षकों को भी सलाह दी कि वे अपने-अपने सर्कल में ऐसे बूथ स्थापित करने के लिए प्रयास करें। अशोक विहार की यह पहल यह संदेश देती है कि यातायात व्यवस्था की मजबूती केवल नियमों और चालान से नहीं, बल्कि सड़क पर तैनात कर्मियों की सुविधाओं और मनोबल से भी जुड़ी है।