योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने 22 विकास प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानें प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को तेज करने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को एक कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 22 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाएं, साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना, शिक्षण संस्थानों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और प्रयागराज में उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए आवास निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। इन निर्णयों से प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी, डिजिटल सुरक्षा, शिक्षा और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चार नए लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर आवागमन को सुगम बनाना है, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में सुविधा मिलेगी और व्यापार, परिवहन तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना
प्रदेश में डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने आईआईटी कानपुर के सी3आईहब (C3iHub) के माध्यम से साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस केंद्र का उद्देश्य साइबर खतरों की निगरानी और उनसे निपटने की क्षमता को बढ़ाना है। यह सरकारी डिजिटल ढांचे और महत्वपूर्ण सूचनाओं को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा और आवास निर्माण
कैबिनेट ने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। इसके साथ ही माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों, बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे संबंधित कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा के लिए आर्थिक राहत मिलने की संभावना है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को भी वित्तीय मंजूरी दी गई है, जिसमें 543.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
टेक्सटाइल और रोबोटिक्स पार्क सहित अन्य परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में लखनऊ और हरदोई में प्रस्तावित एक हजार एकड़ क्षेत्रफल वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए मास्टर डेवलपर के चयन से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके अलावा प्रदेश में प्रगति रोबोटिक्स पार्क की स्थापना, प्रयागराज में सभागार और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में रहे। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज और पेयजल से जुड़ी सात परियोजनाओं के खर्च संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय पोत नियमावली-2026 और राज्य पशुधन मिशन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
