Newzfatafatlogo

रतिया में भगवान दास गर्ग की पुण्यतिथि पर लंगर सेवा का आयोजन

रतिया में भगवान दास गर्ग की पुण्यतिथि पर आयोजित लंगर सेवा ने मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में गर्ग परिवार और भारत विकास परिषद के सदस्यों ने जरूरतमंदों को भोजन प्रदान किया और समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा दिया। जानें इस विशेष आयोजन के बारे में और कैसे यह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
 | 

रतिया में लंगर सेवा का आयोजन


रतिया: भारत विकास परिषद (भाविप) की रतिया शाखा ने स्वर्गीय भगवान दास गर्ग की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को मां की रसोई में लंगर सेवा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने जरूरतमंदों को भोजन प्रदान कर मानवता की सेवा का संदेश फैलाया और भगवान दास गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम में शामिल गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर गर्ग परिवार के सदस्यों के साथ भारत विकास परिषद रतिया के संरक्षक डॉ. नरेश गोयल, अध्यक्ष राज सिंगला, गतिविधि संयोजक सेवा जनक राज गोयल, संपर्क संयोजक एडवोकेट नरेंद्र मलिक, और सेवा टोली के सदस्य अजय गोयल, डॉ. दीपक गोयल, राज कुमार मोंगा, एडवोकेट संदीप जैन, और सीए नितेश जिंदल सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मां की रसोई रोजाना लंगर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष वरिंदर पपनेजा (राजू), धनी राम, विनय बत्रा, राजू ठाकुर, और शर्मा जी ने भी इस सेवा कार्य में योगदान दिया।


गर्ग परिवार की प्रशंसा

गर्ग परिवार ने मां की रसोई सेवा ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंदों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। परिवार के सदस्यों ने कहा कि पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर अनावश्यक खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों को भोजन प्रदान करना और मानव सेवा से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यों से समाज के जरूरतमंद लोगों को सहारा मिलता है और सेवा, सहयोग तथा संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिलता है।


मानव सेवा का महत्व

उन्होंने यह भी कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। समाज के हर व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। मां की रसोई जैसी संस्थाएं जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य कर रही हैं। ऐसी संस्थाओं को समाज के लोगों का निरंतर सहयोग मिलना चाहिए, ताकि सेवा का यह कार्य जारी रह सके। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने समाज में सेवा और परोपकार की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।