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राखीगढ़ी महोत्सव: हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देने का प्रयास

हरियाणा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव ने प्राचीन हड़प्पा सभ्यता की धरोहर को उजागर किया है। डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने महोत्सव के दौरान स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी और स्थानीय कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि महोत्सव की अवधि को तीन से बढ़ाकर सात दिन किया गया है, जिससे अधिक पर्यटकों को इस ऐतिहासिक स्थल का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल प्राचीन संस्कृति को संरक्षित करना है, बल्कि स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा देना है। जानें इस महोत्सव के बारे में और कैसे यह हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान दे रहा है।
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हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव का आयोजन


हरियाणा: विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्ण लाल मिढ़ा ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने राखीगढ़ी में हड़प्पा सभ्यता से संबंधित प्राचीन वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही, विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों द्वारा स्थापित स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए वहां प्रदर्शित उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली। स्टॉल संचालकों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं।


राखीगढ़ी महोत्सव: संस्कृति और सभ्यता का संगम

डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने कहा कि यह महोत्सव बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को देश की समृद्ध संस्कृति से जोड़ने का एक अद्भुत मंच है। उन्होंने बताया कि लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व लोगों का जीवन कैसा था, उनके वस्त्र, आभूषण, कृषि और नगरों का विकास कैसे हुआ, इन सभी सवालों के उत्तर राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत में मिलते हैं। यहां प्रदर्शित पुरातात्विक अवशेष प्राचीन सभ्यता की उन्नत जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से लोगों को परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी केवल हरियाणा की नहीं, बल्कि पूरे देश की गौरवशाली धरोहर है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ऐसे महोत्सव अत्यंत आवश्यक हैं।


महोत्सव की अवधि बढ़ाने का निर्णय

डिप्टी स्पीकर ने बताया कि पहले यह महोत्सव तीन दिन तक आयोजित होता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे सात दिन तक बढ़ा दिया है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, इतिहासकारों और शोधार्थियों को इस ऐतिहासिक स्थल को करीब से जानने का अधिक अवसर मिलेगा। महोत्सव के माध्यम से प्राचीन विरासत के संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं।


आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित राखीगढ़ी

डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले राखीगढ़ी में आधुनिक सुविधाओं की कल्पना करना भी मुश्किल था, लेकिन अब यहां भव्य संग्रहालय, विश्राम गृह और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे राखीगढ़ी को नई पहचान मिल रही है।


विरासत संरक्षण पर वर्तमान सरकार का जोर

डिप्टी स्पीकर ने कहा कि पिछले सरकारों के कार्यकाल में राखीगढ़ी जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान सरकार ने विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान

डिप्टी स्पीकर ने सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार संत-महापुरुषों की जयंतियों को सरकारी स्तर पर मनाती है। इन आयोजनों का उद्देश्य संतों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति संत-महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए, तो वह अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकता है।


नशामुक्त प्रदेश बनाने की अपील

डिप्टी स्पीकर ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है, लेकिन इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है।


स्टॉलों का दौरा और संवाद

महोत्सव के दौरान डिप्टी स्पीकर ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और वहां उपस्थित पर्यटकों और स्टॉल संचालकों से बातचीत की। उन्होंने मेले का आनंद लेते हुए लोगों के साथ कुल्फी का स्वाद लिया और बच्चों के साथ पकौड़ियां खाकर उनके साथ आत्मीयता के पल साझा किए। उनके मिलनसार अंदाज ने महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।


ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का आह्वान

डिप्टी स्पीकर ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव के माध्यम से प्राचीन सभ्यता की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचें और अपनी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।