रामलीला में ताड़का वध का जीवंत मंचन, दर्शकों ने किया जय श्रीराम का उद्घोष
रतिया में ऐतिहासिक रामलीला का मंचन
रतिया: शक्ति नाटक क्लब द्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा ग्राउंड, शक्ति नगर में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के तीसरे दिन, सोमवार रात को ताड़का वध का अत्यंत भावनात्मक और जीवंत प्रदर्शन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों को उसके आतंक से मुक्त किया, पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इस दिन की रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि अरोड़वंश महासभा रतिया के अध्यक्ष राजपाल ग्रोवर और अशोका ऑयल के स्वामी विपिन बांसल ने दीप जलाकर किया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर प्रमुख शिक्षाविद राम गोपाल बलाना, पप्पू कटारिया सरदारे वाला, राकेश ललित, प्रदीप बंसल, नरेंद्र सेतिया पप्पू, विशन नारंग, सुमित मेहता, आदिश गोयल, रवि सेतिया और सब्जी मंडी एसोसिएशन रतिया के नरेश कक्कड़, संजय बत्रा, मनोज सरदाना, गुलशन ग्रोवर सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। रामलीला कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब प्रधान राजेश सेतिया ने की।
रामलीला: संस्कृति और संस्कारों का मंच
मुख्य अतिथियों ने इस अवसर पर कहा कि रामलीला केवल एक नाटक नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और संस्कारों की पाठशाला है। शक्ति नाटक क्लब जिस समर्पण के साथ धार्मिक मूल्यों को जीवित रखता है, वह पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। तीसरे दिन के मंचन में दिखाया गया कि ताड़का एक शक्तिशाली राक्षसी थी, जो वन में आतंक फैलाती थी। उसके डर से ऋषि-मुनियों को तपस्या और यज्ञ करने में कठिनाई होती थी। वह यज्ञ में बाधा डालती और वन में आने वालों को भयभीत करती थी। महर्षि विश्वामित्र ने अयोध्या जाकर राजा दशरथ से उनके पुत्र श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगा।
श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों को मुक्ति दिलाई
गुरु की आज्ञा से दोनों राजकुमार उनके साथ वन की ओर निकलते हैं, जहां प्रभु श्रीराम एक ही बाण से ताड़का का वध करते हैं। इसके बाद उसके पुत्र मारीच और सुबाहु सेना सहित आक्रमण करते हैं, जिन्हें राम-लक्ष्मण परास्त कर देते हैं। हालांकि, मारीच युद्ध स्थल से भाग जाता है। इसी दौरान मिथिला नरेश राजा जनक के दूत गुरु विश्वामित्र को भगवान श्रीराम और लक्ष्मण सहित सीता स्वयंवर का निमंत्रण देते हैं।
मुख्य अतिथियों का सम्मान
रामलीला मंचन के तीसरे दिन के समापन पर मुख्य अतिथियों को शक्ति नाटक क्लब के कमेटी प्रधान राजेश सेतिया, रवि मिढा, अंशुल बत्रा, सचिन ललित, करनैल सिंह, अनिल रूखया, प्रिंस कालू तनेजा, शटी कक्कड़, रमेश जताना, विजय तनेजा, दीपू चिलाना, आशु तनेजा, सोनू चिलाना, मनोहर लाल, टीटू तनेजा सहित सभी कार्यकारिणी द्वारा पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
