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रेवाड़ी में नाबालिग के उत्पीड़न के मामले में माता-पिता को मिली आजीवन कारावास की सजा

रेवाड़ी में एक नाबालिग के उत्पीड़न के मामले में उसके माता-पिता को फास्ट ट्रैक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक ने महिला विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के बारे में।
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महिला विरुद्ध अपराध पर सख्त कार्रवाई

रेवाड़ी में पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों और अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया है कि महिला विरुद्ध अपराध और पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही की जाए, ताकि न्यायालय में आरोपियों को सजा दिलाई जा सके और पीड़ित को न्याय मिले।


 


इन निर्देशों के अनुपालन में महिला थाना पुलिस ने एक नाबालिग के उत्पीड़न के मामले में उसके माता-पिता को फास्ट ट्रैक अदालत से सजा दिलाई है। विशेष अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉक्टर मैनपाल रामावत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और उन पर 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।


 


27 फरवरी 2023 को एक नाबालिग ने अपने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वह तीन भाई-बहन हैं और उसके पिता इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। जब वह नौवीं कक्षा में थी, तब उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने अपनी मां को बताया, तो मां ने उसे धमकी देकर चुप करवा दिया।


 


उसकी मां उसे जबरदस्ती पिता के पास भेजती थी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देती थी। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता पिछले तीन साल से उसके साथ दुष्कर्म कर रहे थे। महिला थाना ने शिकायत के आधार पर आरोपी पिता और मां के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।


 


पुलिस ने जांच के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उन पर 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।