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रोहिणी में कबड्डी चैंपियनशिप: खेल के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

रोहिणी जिला पुलिस ने एक कबड्डी चैंपियनशिप का आयोजन किया, जिसमें युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस प्रतियोगिता में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी ने सशक्तीकरण का प्रतीक प्रस्तुत किया। पूर्व भारतीय कप्तान मंजीत छिल्लर ने खिलाड़ियों को प्रेरित किया। जानें इस आयोजन की खास बातें और विजेताओं को मिले पुरस्कार।
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रोहिणी में कबड्डी चैंपियनशिप का आयोजन


नई दिल्ली: कबड्डी चैंपियनशिप का आयोजन रोहिणी जिला पुलिस द्वारा किया गया, जहां खिलाड़ियों ने उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर खेल के साथ-साथ युवाओं को नशे, अपराध और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने का संदेश भी दिया गया।


महिलाओं की भागीदारी से सशक्तीकरण का संदेश

दादा पौबारा मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता का संचालन उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। इस चैंपियनशिप में कई टीमों ने भाग लिया, जिसमें महिला कबड्डी टीम की भागीदारी ने विशेष ध्यान आकर्षित किया, जो महिला सशक्तीकरण और समान अवसर का प्रतीक बनी।


अधिकारियों ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया

प्रतियोगिता के दौरान, संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह, रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल और एडिशनल डीसीपी तनुश्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें खेलों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने का संदेश दिया।


मंजीत छिल्लर का प्रेरणादायक योगदान

पूर्व भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान मंजीत छिल्लर की उपस्थिति ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन के महत्व के बारे में बताया।


पुलिस-जन संवाद को बढ़ावा

इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था, बल्कि युवाओं और पुलिस के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करना भी था। खेल के माध्यम से सकारात्मक दिशा में युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास किया गया।


विजेताओं को सम्मानित किया गया

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार और ट्रॉफियां प्रदान की गईं। खिलाड़ियों ने आयोजन के प्रति उत्साह व्यक्त किया, जिससे यह कार्यक्रम सफल रहा।


खेल और अनुशासन का संदेश

रोहिणी जिला पुलिस की यह पहल इस संदेश के साथ सामने आई कि खेल में भाग लेने वाला युवा नशे और अपराध से दूर रहकर अपने भविष्य को मजबूत बना सकता है। खेल, अनुशासन और पुलिस-जन संवाद ने सामुदायिक पुलिसिंग को एक सकारात्मक दिशा दी।