लाहौर में इमारत गिरने से 11 लोगों की जान गई, बचाव कार्य जारी
लाहौर में दर्दनाक इमारत गिरने की घटना
नई दिल्ली - लाहौर में एक दुखद घटना में 11 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हरबंसपुरा क्षेत्र में एक तीन मंजिला इमारत रात के समय ढह गई। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और छह अन्य घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के प्रवक्ता हैरिस अली ने जानकारी दी कि मलबे से शवों को निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि बचाव दल अभी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक छोटी बच्ची मलबे में फंसी हुई है।
प्रवक्ता ने बताया कि इमारत में तीन भाई अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे थे। उनकी बहन और उसके बच्चे भी जन्मदिन मनाने के लिए वहां आए थे, जब अचानक इमारत गिर गई। रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत के गिरने का कारण क्या था। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर, रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद अली एजाज ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
इससे पहले, एक जुलाई को लाहौर के काहना क्षेत्र में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान चली गई थी। यह घटना 30 जून को हुई थी, जब ट्यूशन अकादमी की छत अचानक गिर गई। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे। पंजाब प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा इमरान नजीर ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की थी।
मानवाधिकार परिषद ने इस मामले की त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके। परिषद ने प्रशासन से घायल बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक और मानसिक सहायता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
