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वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा प्रक्रिया पर रोक: जानें कारण

संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम ने नए साधकों को दीक्षा देने की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। इसके साथ ही, सफेद अचला पहनने वाले साधकों को भी इसे धारण करने से मना किया गया है। इस निर्णय के पीछे की वजह संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से जुड़ी घटनाएं बताई जा रही हैं। जानें इस मामले में और क्या कुछ हुआ है और साधक समुदाय में क्या चर्चाएं हैं।
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वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का आश्रम


वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम ने नए साधकों को दीक्षा देने की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोकने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, आश्रम में सफेद अचला पहनने वाले साधकों को भी अब इसे धारण करने से मना किया गया है। इस निर्णय के बाद संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और साधक समुदाय में चर्चा का माहौल बन गया है। हालांकि, आश्रम की ओर से इन फैसलों के पीछे का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।


दीक्षा प्रक्रिया का पूर्व स्वरूप

संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के इच्छुक श्रद्धालुओं को पहले केली कुंज आश्रम जाकर दीक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करनी होती थी। निर्धारित नियमों का पालन करने के बाद ही उन्हें दीक्षा दी जाती थी। हाल के दिनों में, संत प्रेमानंद महाराज यमुना पार स्थित अपने नए आश्रम यमुना विहार कुंज में निवास कर रहे थे, जहां नए साधकों को दीक्षा देने की प्रक्रिया चल रही थी। अब आश्रम प्रबंधन ने इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है।


साधकों की वेशभूषा में बदलाव

आश्रम में साधकों और साधिकाओं के लिए विशेष वेशभूषा निर्धारित थी, जिसमें पीले और सफेद रंग के वस्त्र शामिल थे। अब सफेद अचला पहनने वाले साधकों को इसे धारण करने से मना किया गया है, और वे सामान्य कपड़ों में नजर आएंगे। इस बदलाव को हाल की घटनाओं से जोड़ा जा रहा है।


रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े निर्णय

सूत्रों के अनुसार, आश्रम प्रबंधन के इन निर्णयों का संबंध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से है। 25 वर्षीय साधक की मौत के बाद कई सवाल उठे थे। पुलिस ने मामले की जांच की, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों को मृत्यु का कारण बताया गया। इसके बाद संत समाज और अन्य लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।