वृंदावन में टूरिस्ट बसों की अव्यवस्था: क्या होगी प्रशासन की कार्रवाई?
सड़क किनारे खड़ी बसों का खतरा
वृंदावन: मथुरा-वृंदावन मार्ग पर टूरिस्ट बसों का सड़क किनारे खड़ा होना राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए ये बसें खड़ी की जा रही हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। यह चिंताजनक है कि धार्मिक स्थल होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद, चालक सड़कों को ही पार्किंग स्थल बना रहे हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
14 सितंबर का दुखद हादसा
हाल ही में 14 सितंबर को एक टूरिस्ट बस के पीछे जाने के दौरान स्कूटी सवार सब्जी विक्रेता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस चालक की पिटाई की और मथुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस को काफी मेहनत के बाद जाम खुलवाना पड़ा। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने सड़क किनारे बसों को खड़ा न करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
पार्किंग की अनदेखी
वृंदावन में भगवान बांके बिहारी के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं, और इसके लिए टूरिस्ट बसों का उपयोग किया जाता है। लेकिन बस चालकों की मनमानी के कारण निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इससे सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क किनारे खड़ी बसों के कारण पीछे से आने वाले वाहनों को रास्ता स्पष्ट नहीं दिखाई देता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
यातायात नियमों की अवहेलना
यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि जिस मार्ग पर यातायात नियमों की अवहेलना हो रही है, वहां पुलिस चौकी और आरटीओ कार्यालय भी मौजूद हैं। इसके बावजूद, सड़क किनारे खड़ी बसों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के लिए यह चिंता का विषय है कि एक जानलेवा हादसे के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन सड़क किनारे खड़ी बसों के खिलाफ कार्रवाई करता है या किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।
