वृंदावन में राधाष्टमी और स्वामी हरिदास प्राकट्योत्सव का भव्य उत्सव
धर्मनगरी वृंदावन में भक्ति का माहौल
वृंदावन: राधाष्टमी और स्वामी हरिदास के प्राकट्योत्सव के अवसर पर शनिवार को वृंदावन में भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। श्री राधावल्लभ मंदिर और ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसके बाद शाम को बधाई यात्रा (चाव) ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। डोला यात्रा में शामिल भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े, और रास्ते भर राधा रानी और स्वामी हरिदास के जयकारे गूंजते रहे।
ठाकुरजी की भव्य बधाई यात्रा
राधाष्टमी पर निकली ठाकुरजी की भव्य बधाई यात्रा
राधाष्टमी के अवसर पर श्री राधावल्लभ मंदिर से ठाकुरजी का डोला लेकर बधाई यात्रा निकली। सेवायत गोस्वामी समाज के सदस्य पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा के साथ चलते रहे। वहीं, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से स्वामी हरिदास के प्राकट्योत्सव की बधाई देने के लिए डोला निधिवन राज मंदिर की ओर रवाना हुआ। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, और बैंड-बाजों तथा धार्मिक झांकियों के साथ यात्रा में श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे।
भक्ति का जयघोष
चाव के दौरान वृंदावन की गलियों में राधा नाम के जयघोष गूंज उठे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया। यात्रा का हर जगह स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक उल्लास के चलते देर रात तक प्रमुख मार्गों पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
बड़ा रासमंडल में बधाई यात्रा का समापन
बड़ा रासमंडल पहुंची बधाई यात्रा, निधिवन में दी बधाई
श्री राधावल्लभ मंदिर से निकली बधाई यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई बड़ा रासमंडल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। वहीं, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से निकली चाव मध्य रात्रि के बाद करीब डेढ़ बजे निधिवन राज मंदिर पहुंची। यहां ठाकुर बांकेबिहारीजी का प्रतिनिधित्व करते हुए सेवायतों ने स्वामी हरिदास को प्राकट्योत्सव की बधाई अर्पित की। देर रात तक चले इस आयोजन में ब्रज की पारंपरिक भक्ति और उत्सव संस्कृति की झलक देखने को मिली।
